बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने शानदार अंदाज में अपने अभियान की शुरुआत की है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने महिला सिंगल्स के पहले दौर में आयरलैंड की सोफिया नोबल को एकतरफा मुकाबले में हराकर दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। सिंधु ने सीधे गेम में 21-7, 21-11 से जीत दर्ज की और इस मुकाबले में अपनी अनुभवी खेल शैली का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
मैच की शुरुआत से ही सिंधु पूरी तरह नियंत्रण में नजर आईं। पहले गेम में उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को संभलने का ज्यादा मौका नहीं दिया और ब्रेक तक 11-2 की मजबूत बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा और पहला गेम आसानी से 21-7 से जीत लिया। सिंधु की तेज गति, सटीक शॉट्स और बेहतर कोर्ट कवरेज के सामने सोफिया नोबल संघर्ष करती दिखाई दीं।
दूसरे गेम में नोबल ने पहले की तुलना में बेहतर खेल दिखाया और कुछ समय तक सिंधु को चुनौती देने की कोशिश की। हालांकि भारतीय खिलाड़ी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए ब्रेक तक 11-8 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सिंधु ने एक बार फिर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत की और शानदार ड्रॉप शॉट्स तथा स्मैश के जरिए अंक जुटाते हुए दूसरा गेम 21-11 से जीत लिया।
यह जीत सिंधु के लिए सिर्फ दूसरे दौर में पहुंचने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सामने इस टूर्नामेंट में एक बड़ा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का मौका भी है। सिंधु अब तक वर्ल्ड चैंपियनशिप में 5 पदक जीत चुकी हैं, जिनमें 2019 का गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। अगर वह इस बार सेमीफाइनल तक पहुंचती हैं तो कम से कम एक और ब्रॉन्ज मेडल पक्का होगा और वह वर्ल्ड चैंपियनशिप इतिहास में 6 पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन सकती हैं।
अब दूसरे दौर में पीवी सिंधु का मुकाबला कनाडा की वेन यू झांग से होगा। झांग ने अपने पहले मुकाबले में बुल्गारिया की स्टेफनी स्टोएवा को 21-7, 21-19 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया है। ऐसे में सिंधु के सामने अब चुनौती थोड़ी कठिन हो सकती है, लेकिन पहले मैच में जिस तरह से उन्होंने प्रदर्शन किया है, उससे भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
मैच के बाद सिंधु ने भी साफ किया कि वह फिलहाल खिताब या पदक के बारे में ज्यादा आगे नहीं सोच रही हैं और उनका पूरा ध्यान एक-एक मैच पर है। उन्होंने कहा कि वह हर मुकाबले में अपना 100 प्रतिशत देने और अगले मैच की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं। यह रणनीति उनके अनुभव और बड़े टूर्नामेंटों में खेलने की परिपक्वता को भी दर्शाती है।
पीवी सिंधु भारतीय बैडमिंटन की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। विश्व चैंपियनशिप में उनका रिकॉर्ड पहले ही बेहद शानदार रहा है और इस बार उनके पास एक नया इतिहास रचने का मौका है। 2019 में विश्व चैंपियन बनने के बाद सिंधु ने भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई थी। अब 2026 की विश्व चैंपियनशिप में उनकी नजर एक और यादगार उपलब्धि पर है।
कुल मिलाकर, पीवी सिंधु ने सोफिया नोबल के खिलाफ आसान जीत के साथ यह संकेत दे दिया है कि वह इस टूर्नामेंट में पूरी तैयारी के साथ उतरी हैं। 29 मिनट में 21-7, 21-11 की जीत दर्ज कर सिंधु ने दूसरे दौर में जगह बना ली है। अब उनकी नजर अगले मुकाबले पर होगी और यदि वह सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल रहती हैं तो वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में रिकॉर्ड 6 पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन सकती हैं।
