
नई दिल्ली/मुंबई — केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में 89,780 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 38 बड़ी रेल परियोजनाओं को मंज़ूरी देकर राज्य की रेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल नए ट्रैक और लाइनों का निर्माण करना है, बल्कि मौजूदा नेटवर्क के दोहरीकरण (doubling), विस्तारित उपनगरीय नेटवर्क (Mumbai Suburban Rail Network) और आधुनिक तकनीक पर आधारित बुलेट ट्रेन परियोजना जैसे महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को भी आगे बढ़ाना है।
रेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस पैकेज के तहत कुल 5,098 किलोमीटर लंबी पटरियाँ बिछाने का काम किया जाएगा जिसमें 11 नई लाइन्स, 2 गेज परिवर्तन और 25 डबलिंग/मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएँ शामिल हैं। इससे महाराष्ट्र में रेल नेटवर्क की क्षमता और संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विशेष रूप से मुंबई-कुर्ला सेक्शन में उपनगरीय नेटवर्क का आधुनिकीकरण और विस्तार किया जा रहा है ताकि यात्रियों की भीड़-भाड़ में कमी आए और सेवाओं की गुणवत्ता सुधरे। इसके तहत 5वीं एवं 6वीं लाइन का निर्माण, गोरेगांव-बोरीवली के बीच हार्बर लाइन का विस्तार तथा बड़े EMUs (Electric Multiple Units) के लिए प्लेटफॉर्म विस्तार जैसे कार्य शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से उपनगरीय रेल सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी, जिससे प्रतिदिन लाखों मुंबई लोकल रेल के यात्रियों को बेहतर और तेज़ सेवाएँ मिलेंगी। साथ ही, नेटवर्क विस्तार के कारण जामग्रस्त स्थानों पर दबाव कम होगा और सेवा अंतराल के समय में भी सुधार देखने को मिलेगा।
राज्य में बुलेट ट्रेन (Mumbai–Ahmedabad High-Speed Rail Corridor) परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। इस हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए अब तक 100% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और पुल तथा अन्य ढांचागत कार्य जारी हैं। यह परियोजना महाराष्ट्र को गुजरात तथा पश्चिमी भारत के प्रमुख शहरों से तेज़ गति से जोड़ने में मदद करेगी और यात्रियों को मुंबई–अहमदाबाद के बीच यात्रा समय को अत्यधिक घटा पाएगी।
इसके अलावा, उपनगरीय नेटवर्क के MUTP (Mumbai Urban Transport Project) के चरण II, III और IIIA को भी शामिल किया गया है, जिनकी लागत करोड़ों रुपये है और ये बड़े पैमाने पर रेल सेवा विस्तार तथा यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
रेल कार्यों के इस व्यापक विकास के पीछे सरकार की सोच यह है कि महाराष्ट्र जैसे आर्थिक और जनसंख्या केंद्र को भविष्य की ज़रूरतों के अनुसार बढ़ते यातायात भार और आवासीय व व्यावसायिक विस्तार के बावजूद भी तेज़, सुरक्षित और कुशल रेल सेवा उपलब्ध कराई जा सके। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और रोजगार को भी मजबूती मिल सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार, इन निवेशों से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, बेहतर कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, साथ ही ट्रेनों की समय-समय पर उपलब्धता और सुरक्षा मानकों में भी सुधार होगा।
इस तरह सरकार का यह बड़ा रेल-इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज महाराष्ट्र के लिए आने वाले वर्षों में एक नई रेल युग की शुरुआत कर सकता है, जिसमें उपनगरीय तथा दूरस्थ दोनों तरह की रेल सेवाओं का रूपांतरण और उन्नयन शामिल है।



