उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक Raghuraj Pratap Singh उर्फ राजा भैया को घरेलू विवाद और कथित घरेलू हिंसा से जुड़े मामले में फिलहाल राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी समन पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मामले की सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। यह मामला उनकी पत्नी भानवी सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने वर्षों तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के मुताबिक, भानवी सिंह ने दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें लंबे समय से उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। शिकायत के आधार पर घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू हुई थी, जिसके बाद निचली अदालत ने राजा भैया को समन जारी किया था। इसी समन को चुनौती देते हुए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था।
इस मामले में पहले Supreme Court of India भी हस्तक्षेप कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि भानवी सिंह की याचिका पर तय समयसीमा के भीतर फैसला किया जाए। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि समन पर लगी रोक के कारण मामले में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और जल्द सुनवाई जरूरी है।
राजा भैया और उनकी पत्नी के बीच विवाद पिछले कई वर्षों से चर्चा में रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों लंबे समय से अलग रह रहे हैं। भानवी सिंह ने अपने ससुराल पक्ष पर भी प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। वहीं राजा भैया की ओर से इन आरोपों को पहले भी खारिज किया जाता रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट में अब इस मामले की आगे सुनवाई होगी और अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगला फैसला सुनाएगी। राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से यह मामला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राजा भैया उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा नाम हैं और लंबे समय से कुंडा सीट का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं
