Advertisement
बिहारलाइव अपडेट
Trending

बिहार में ADM राजेश्वरी पांडेय के ठिकानों पर छापा

Advertisement
Advertisement

बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने गोपालगंज की अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) राजेश्वरी पांडेय से जुड़े चार ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पटना, गोपालगंज और रोहतास में की गई। तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को जमीन और फ्लैट के दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, नकदी, आभूषण और निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, अधिकारी से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों का कुल मूल्य 3.12 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। इनमें से करीब 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को ज्ञात आय के मुकाबले अधिक बताया गया है। हालांकि, मामले में आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

जांच के दौरान पटना, वाराणसी, सासाराम और रोहतास के अलग-अलग इलाकों में करीब एक दर्जन जमीन और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य लगभग 1.32 करोड़ रुपये बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, संपत्तियां अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज हैं। पटना के रूपसपुर इलाके में आरपीएस स्कूल के पास स्थित भवानी सिटी अपार्टमेंट के एक फ्लैट की भी तलाशी ली गई। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों की खरीद, उनके मूल्य और धन के स्रोत का सत्यापन कर रही है।

छापेमारी के दौरान चार बैंकों में संचालित कुल 35 बैंक खातों का विवरण भी सामने आया है। इन खातों में लगभग 1 करोड़ 49 लाख 17 हजार 400 रुपये जमा होने की जानकारी दी गई है। संबंधित बैंक खातों में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते शामिल बताए गए हैं। जांच अधिकारी इन खातों में जमा रकम, लेनदेन और आय के ज्ञात स्रोतों के बीच संबंध की पड़ताल कर रहे हैं। बैंक खातों में मौजूद राशि अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं है; जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि संपत्ति और धन का स्रोत क्या है।

तलाशी के दौरान करीब 8.5 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट से संबंधित दस्तावेज भी मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा, अधिकारी के आवास से लगभग 1.85 लाख रुपये नकद और करीब 32 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण मिलने की जानकारी दी गई है। जांच एजेंसी इन चीजों के साथ अन्य वित्तीय दस्तावेजों का भी मिलान कर रही है, ताकि कुल संपत्ति का सही आकलन किया जा सके। शेयरों, म्यूचुअल फंड और बीमा योजनाओं में निवेश से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।

प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, राजेश्वरी पांडेय से जुड़े ठिकानों पर मिली जानकारी के आधार पर कुल चल और अचल संपत्ति का मूल्य 3.12 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। जांच एजेंसी ने इसमें करीब 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को ज्ञात आय के मुकाबले अधिक होने का संदेह जताया है। रिपोर्टों में इसे ज्ञात आय से लगभग 135 प्रतिशत अधिक बताया गया है। यह आंकड़ा जांच के शुरुआती आकलन पर आधारित है और दस्तावेजों की विस्तृत जांच, संपत्तियों के मूल्यांकन तथा आय के स्रोतों के सत्यापन के बाद इसमें बदलाव हो सकता है।

SVU की टीम ने गोपालगंज में अधिकारी के सरकारी आवास और कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय के साथ पटना तथा रोहतास में भी तलाशी ली। रोहतास जिले के करगहर क्षेत्र स्थित ठोरसन गांव में उनके पैतृक आवास पर भी जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई। कुछ स्थानों पर जांच देर शाम तक जारी रहने की जानकारी भी सामने आई। एजेंसी अब बरामद दस्तावेजों को संबंधित संपत्तियों और बैंक रिकॉर्ड से मिलाकर जांच आगे बढ़ा रही है।

इस मामले में आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। SVU के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अदालत से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर चार ठिकानों पर कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अधिकारी से जुड़ी संपत्तियां उनकी ज्ञात आय और वैध वित्तीय स्रोतों के अनुरूप हैं या नहीं। मामले में बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।

राजेश्वरी पांडेय ने वर्ष 2010 में सरकारी सेवा में प्रवेश किया था। अब उनकी संपत्तियों को लेकर सामने आए शुरुआती आंकड़ों के बाद जांच एजेंसी उनके सेवा काल, आय के रिकॉर्ड, संपत्ति की खरीद और निवेश के स्रोतों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल यह कार्रवाई जांच का हिस्सा है और आरोपों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। आने वाले दिनों में दस्तावेजों के सत्यापन और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share