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“राजपाल यादव तिहाड़ में: ‘अता पता लापता’ के 15 साल पुराने विवाद ने दी मुश्किलें”

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बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इस समय दिल्ली के तिहाड़ जेल में हैं, और इसका कारण 15 साल पुराने वित्तीय विवाद से जुड़ा है।

यह पूरा मामला 2010 में ली गई एक बड़ी राशि के कर्ज़ तथा चेक बाउंस प्रकरण से जुड़ा हुआ है। उस समय राजपाल यादव ने अपनी निर्देशक के रूप में पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ (Ata Pata Laapata) को बनाने के लिए करीब ₹5 करोड़ का ऋण लिया था, जो बाद में ब्याज और दंड के साथ ₹9 करोड़ तक बढ़ गया।

फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर सफल न होने के कारण यादव उस पैसे को चुका नहीं पाए। जब उनके द्वारा दिए गए चेक बाउंस हुए, तो Negotiable Instruments Act (धारा 138) के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई। 2018 में एक अदालत ने उन्हें और उनकी पत्नी को दोषी ठहराया और छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपील की और सजा को कुछ समय के लिए टाला गया।

इन वर्षों में अदालत ने कई बार उन्हें कर्ज़ चुकाने के लिए समय दिया, लेकिन यादव समय‑समय पर भुगतान में देरी और शर्तें पूरी न करने के कारण बार‑बार नए आदेश के लिए कहे गए। अंत में 4 फरवरी 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने किसी भी आगे की राहत देने से मना कर दिया और उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया। इसके बाद पति ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया।

सरेंडर से पहले राजपाल यादव ने मीडिया से कहा कि उनके पास कर्ज़ चुकाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं और उन्होंने यह समय बहुत कठिन दौर बताया।

मामला बताते हैं कि यह सिर्फ कर्ज की वजह से ही नहीं है, बल्कि अदालत द्वारा दिए गए निर्देशों और समय‑समय पर तय किए गए भुगतान शेड्यूल का पालन नहीं करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

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