बांग्लादेश में पूर्व जल संसाधन मंत्री और थकुरगाँव-1 सीट से पूर्व सांसद रमेश चंद्र सेन की जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत ने देश में राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल की खबरों को और बढ़ा दिया है।
क्या हुआ?
रविवार, 7 फरवरी 2026 की सुबह रमेश चंद्र सेन डिनाजपुर जिला जेल में अचानक अस्वस्थ महसूस करने लगे। उन्हें तुरंत डिनाजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके मृत्यु का समय लगभग 9:29 बजे सुबह बताया गया है।
उनकी पृष्ठभूमि:
सेन एक वरिष्ठ राजनेता थे, जिन्होंने थकुरगाँव-1 के प्रतिनिधि के रूप में संसद में कई बार सेवा दी और 2009 से 2014 तक जल संसाधन मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्हें बांग्लादेश की प्रमुख पार्टी आवामी लीग से सत्ता का समर्थन प्राप्त था।
क्या वह जेल में थे?
सेन को पहले 16 अगस्त 2024 को थकुरगाँव पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और बाद में डिनाजपुर जिला जेल भेजा गया। उनके खिलाफ कम से कम तीन मामलों में आरोप थे, जिनमें हत्या का आरोप भी शामिल था।
स्थिति और प्रतिक्रियाएँ:
उनकी मौत से चुनाव से पहले राजनीतिक स्थिति में तनाव और बढ़ गया है। बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने हैं, और ऐसे समय में किसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता की जेल में मौत स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन सकती है। (संबंधित चुनावी माहौल जानकारी के लिए)
आगे क्या होगा?
अधिकारियों ने शव पर्याप्त कानूनी औपचारिकताओं के बाद परिवार को सौंपने की बात कही है। मौत के सटीक कारणों को स्पष्ट करने के लिए पोस्ट-मार्टम और आगे की जांच जारी हो सकती है।
