पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पर हूती हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के सैन्य और अन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों के बाद सऊदी अधिकारियों ने कई शहरों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। ताजा जानकारी के मुताबिक हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक हूतियों ने सऊदी अरब के खामिस मुशैत में एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों के दौरान आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। सऊदी अधिकारियों के अनुसार घायल हुए लोगों को मामूली से मध्यम चोटें आई हैं। हमलों में कुछ घरों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
इसके बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने देश के कई हिस्सों में संभावित खतरे को देखते हुए आपातकालीन चेतावनियां जारी कीं। शुरुआती अलर्ट दक्षिणी इलाकों के शहरों के लिए था, लेकिन बाद में जेद्दा, अबहा, जिजान, अलउला, ताइफ और यानबू समेत छह शहरों में भी खतरे की चेतावनी दी गई। मंगलवार को अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में तत्काल खतरा टलने का ऐलान करते हुए अलर्ट हटाने की जानकारी दी।
हूती हमलों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। खामिस मुशैत और अबहा जैसे इलाके पहले भी यमन से आने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों के निशाने पर रहे हैं। इस बार हमलों की तीव्रता और लगातार हो रही गतिविधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का असर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। सऊदी अरब की ऊर्जा अवसंरचना और तेल निर्यात मार्ग भी क्षेत्रीय संघर्ष के बीच जोखिम में हैं। रॉयटर्स के अनुसार हूती हमलों के साथ-साथ सऊदी अरब की एक महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर भी हालिया ड्रोन हमले का असर पड़ा है। यह पाइपलाइन सऊदी तेल को फारस की खाड़ी से लाल सागर के रास्ते तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वहीं, यमन के लाल सागर तट और बाब-अल-मंदेब के आसपास हूतियों की गतिविधियां बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। बाब-अल-मंदेब दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है और यहां अस्थिरता का असर वैश्विक व्यापार तथा ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है। हालिया घटनाक्रम के बीच तेल बाजार में भी सप्लाई को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ती तनातनी ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष का दायरा लगातार फैल रहा है। ईरान, अमेरिका, खाड़ी देशों और यमन से जुड़े घटनाक्रम एक-दूसरे को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में सऊदी शहरों में जारी किए गए इमरजेंसी अलर्ट को केवल स्थानीय सुरक्षा घटना के तौर पर नहीं, बल्कि क्षेत्रीय तनाव के व्यापक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
फिलहाल सऊदी अधिकारियों ने जिन शहरों में खतरा कम होने की जानकारी दी है, वहां तत्काल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। हालांकि हूती हमलों के लगातार जारी रहने के कारण सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। आने वाले दिनों में हमलों की तीव्रता, सऊदी प्रतिक्रिया और लाल सागर के समुद्री मार्गों की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।
