वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में भारत ने 406 रन के विशाल लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए इतिहास रच दिया। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 405 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने 43.3 ओवर में दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और आठ विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने बताया कि 400 से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करते समय टीम पर शुरुआत में दबाव था, लेकिन एक खास रणनीति के कारण हालात जल्दी बदल गए।
शुभमन गिल ने कहा कि जब वेस्टइंडीज ने 405 रन का स्कोर खड़ा किया और भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो ड्रेसिंग रूम में दबाव महसूस हो रहा था। उन्होंने माना कि किसी भी पिच या मैदान पर 400 से ज्यादा रन का पीछा करना आसान नहीं होता। हालांकि, भारतीय टीम ने शुरुआत से ही लक्ष्य को छोटे हिस्सों में बांटकर आगे बढ़ने की रणनीति बनाई। गिल के मुताबिक, टीम का पहला लक्ष्य पावरप्ले के 10 ओवर में बिना विकेट गंवाए करीब 75 से 80 रन बनाना था।
गिल ने बताया कि टीम को भरोसा था कि गेंद पुरानी होने के बाद बल्लेबाजी के लिए परिस्थितियां और बेहतर हो जाएंगी। इसके बाद अगला लक्ष्य 25 ओवर तक करीब 200 से 210 रन तक पहुंचने का था। लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने इससे भी बेहतर प्रदर्शन किया और 25 ओवर के आसपास स्कोर 230 से 240 रन तक पहुंच गया। गिल ने कहा कि इस मुकाम पर पहुंचने के बाद दबाव भारत पर नहीं, बल्कि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर आ गया था।
इस रणनीति को सफल बनाने में खुद शुभमन गिल और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने बड़ी भूमिका निभाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रन की साझेदारी की। रोहित शर्मा ने 75 गेंदों पर 101 रन की पारी खेली, जबकि गिल अंत तक नाबाद रहे। रोहित के आउट होने के बाद भी भारत की रन गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा और विराट कोहली तथा रुतुराज गायकवाड़ ने लक्ष्य तक पहुंचने में योगदान दिया।
शुभमन गिल ने इस मुकाबले में 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन बनाए। उन्होंने अपनी डबल सेंचुरी केवल 117 गेंदों में पूरी की, जो वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक है। गिल इस उपलब्धि के साथ रोहित शर्मा के बाद वनडे क्रिकेट में एक से ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। उनकी पारी में 28 चौके और आठ छक्के शामिल रहे।
रोहित शर्मा ने भी इस मुकाबले में शानदार शतक लगाया। उन्होंने 101 रन की पारी के दौरान अपना 35वां वनडे शतक पूरा किया और वनडे क्रिकेट में 12 हजार रन का आंकड़ा भी पार किया। इस शतक के साथ रोहित 39 साल की उम्र में वनडे शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय बल्लेबाज बने। भारत और वेस्टइंडीज के बीच इस मुकाबले में कुल पांच शतक देखने को मिले, जो मैच की बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों को भी दर्शाता है।
इससे पहले वेस्टइंडीज ने भी शानदार बल्लेबाजी की थी। जॉन कैंपबेल ने 101, कप्तान शाई होप ने 104 और अमीर जांगू ने 114 रन बनाए। वेस्टइंडीज का 405 रन का स्कोर वनडे क्रिकेट में उसका अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर है। इससे पहले उसका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 389 रन था। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
गिल ने भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि पावरप्ले के दौरान गेंदबाजी उतनी प्रभावी नहीं रही और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने खुलकर रन बनाए। एक समय ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज 420 से 430 रन तक पहुंच सकता है। भारतीय गेंदबाजों ने पारी के आखिरी हिस्से में वापसी करते हुए उसे 405 रन पर रोक दिया, जिससे लक्ष्य भले ही बड़ा रहा, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के लिए पीछा करने की गुंजाइश बनी रही।
गुवाहाटी की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों ने भी खिलाड़ियों की परीक्षा ली। गिल ने कहा कि वेस्टइंडीज की पारी के दौरान लंबे समय तक मैदान में रहने से शरीर पर काफी असर पड़ा और उन्हें मैच के बाद ऐंठन महसूस हो रही थी। इसके बावजूद भारतीय सलामी जोड़ी ने दूसरी पारी में तेजी से रन बनाकर मैच को एकतरफा कर दिया।
इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब तीसरा वनडे 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। गिल ने संकेत दिया कि सीरीज का परिणाम तय होने के बाद टीम प्रबंधन उन खिलाड़ियों को भी मौका देने पर विचार कर सकता है, जिन्हें अब तक बल्लेबाजी या गेंदबाजी का पर्याप्त अवसर नहीं मिला है। यह सीरीज भारत के लिए 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा र
