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सोमालिया के पास हथियारों से लदा जहाज हाईजैक, 6 भारतीय भी सवार; 8 समुद्री लुटेरों ने बोला धावा

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सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास समुद्री लुटेरों ने तुर्की के हथियार और सैन्य उपकरण लेकर जा रहे एक कार्गो जहाज को हाईजैक कर लिया। इस जहाज पर कुल 10 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 6 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद जहाज और उसके क्रू सदस्यों की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। मामले ने समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हाईजैक किया गया जहाज M/V LUTUF था, जो कैमरून के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। जहाज को सोमवार को पुंटलैंड के एइल जिले में मर्राया इलाके से करीब 3.5 नॉटिकल मील दूर कब्जे में लिया गया। जहाज का संचालन Polar Movement Shipping से जुड़ा बताया गया है। इसमें तुर्की के हथियारों के अलावा कम्युनिकेशन और सैटेलाइट उपकरण भी लदे थे। ये सामान मोगादिशू में मौजूद तुर्की के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए भेजा जा रहा था।

जहाज के 10 सदस्यीय क्रू में 6 भारतीय, 1 तुर्की नागरिक, 1 जॉर्जियाई नागरिक और 2 सर्बियाई सुरक्षा गार्ड शामिल थे। समुद्री लुटेरों की संख्या करीब 8 बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन लुटेरों का संबंध उस समूह से माना जा रहा है जिसने इससे पहले 26 अप्रैल को M/V Sward नामक जहाज को भी हाईजैक किया था। हाईजैक करने के बाद लुटेरे M/V LUTUF को पुंटलैंड के डंगोरोयो जिले में गरमाल के पास तट की ओर ले गए।

घटना के बाद तुर्की के स्वामित्व वाले 2 जहाज हाईजैक किए गए जहाज के करीब पहुंचे। इसके अलावा तुर्की के हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी इलाके की निगरानी कर रहे थे। इससे संकेत मिलता है कि घटना को लेकर निगरानी और सुरक्षा गतिविधियां तेज की गई थीं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज को वापस नियंत्रण में लिया गया है या नहीं और उसके भीतर मौजूद हथियार तथा अन्य सैन्य सामान की स्थिति क्या है।

मामले में एक और गंभीर घटनाक्रम मंगलवार को सामने आया। एक छोटी नाव में सवार 2 लोग हाईजैक किए गए जहाज के पास पहुंचे और वहां ‘खत’ पहुंचाया। सोमालिया में खत एक ऐसा पौधा है जिसे आमतौर पर चबाया जाता है और इसमें उत्तेजक प्रभाव होता है। अधिकारी के मुताबिक, नाव के वापस तट पर लौटने के बाद वहां एयर स्ट्राइक हुई, जिसमें 4 लोग मारे गए और 2 अन्य घायल हो गए। हालांकि, इस हमले को लेकर अभी कई सवाल अनुत्तरित हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस एयर स्ट्राइक को किसने अंजाम दिया, इसका तत्काल स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं हो सका है। इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि हमले में मारे गए लोग वास्तव में जहाज हाईजैक करने वाले समुद्री लुटेरों के सदस्य थे या नहीं। इसलिए इस घटना को लेकर सामने आई सभी जानकारियों को फिलहाल सावधानी के साथ देखा जा रहा है।

इस घटना ने सोमालिया के आसपास समुद्री डकैती के फिर से सक्रिय होने की आशंका को भी बढ़ा दिया है। लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभियानों और सुरक्षा उपायों के कारण सोमाली समुद्री डकैती में काफी कमी आई थी, लेकिन हाल के महीनों में इस क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं दोबारा सामने आने लगी हैं। ऐसे में हथियारों और सैन्य उपकरणों से लदे जहाज का हाईजैक होना सामान्य समुद्री डकैती से कहीं अधिक संवेदनशील मामला माना जा रहा है।

फिलहाल सबसे बड़ी चिंता जहाज पर सवार 6 भारतीयों सहित सभी 10 क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी स्थिति के बारे में तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई है। तुर्की के अधिकारियों की ओर से भी इस घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। आने वाले समय में जहाज की लोकेशन, क्रू सदस्यों की स्थिति और हथियारों की सुरक्षा को लेकर जानकारी इस पूरे मामले की दिशा स्पष्ट कर सकती है।

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