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सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती, पत्नी ने बिना सहमति इलाज न करने की दी चेतावनी

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जलवायु कार्यकर्ता और सामाजिक चिंतक सोनम वांगचुक के लंबे समय से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी भूख हड़ताल 21वें दिन में प्रवेश कर चुकी थी, जिसके बाद स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी अनुमति और सोनम वांगचुक की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का चिकित्सीय उपचार या मेडिकल हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए।

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक है तथा सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार लंबे समय तक भोजन न करने से शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए चिकित्सकीय निगरानी बेहद आवश्यक हो जाती है। अस्पताल प्रशासन ने भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है।

इस बीच अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी पत्नी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अस्पताल लाने की आवश्यकता नहीं थी। उनका कहना है कि यदि किसी भी प्रकार का इलाज करना हो तो पहले मरीज की इच्छा और परिवार की सहमति का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिना अनुमति किसी प्रकार की दवा, ड्रिप या अन्य चिकित्सा प्रक्रिया शुरू नहीं की जानी चाहिए। उनके इस बयान ने मरीज की स्वायत्तता और चिकित्सा सहमति (Consent) के मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है।

घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के जीवन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अस्पताल की ओर से फिलहाल यही जानकारी दी गई है कि सोनम वांगचुक की हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर देशभर में उनके समर्थकों के बीच चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति और आंदोलन की दिशा दोनों पर सभी की नजरें बनी रहेंगी, क्योंकि यह मामला अब केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोकतांत्रिक विरोध, नागरिक अधिकारों और चिकित्सा सहमति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से भी जुड़ गया है।

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