टीवी के चर्चित धार्मिक धारावाहिक ‘देवों के देव… महादेव’ में माता पार्वती का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सोनारिका भदौरिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी पुरानी बिकिनी तस्वीरों को लेकर हुआ विवाद है। अभिनेत्री ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में इस ट्रोलिंग पर खुलकर बात की और साफ कहा कि उन्हें अपनी पसंद के कपड़े पहनने के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं है।
सोनारिका ने Hauterrfly के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा, ‘मैं बिकिनी पहनूंगी, किसी के बाप का क्या जा रहा है।’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर यह सफाई नहीं देना चाहतीं कि उनके पति या पिता को उनके कपड़ों से कोई परेशानी नहीं है। उनके मुताबिक, बिकिनी पहनने में उन्हें खुद कोई परेशानी नहीं है और यही सबसे अहम बात है।
यह पूरा विवाद साल 2016 का है, जब सोनारिका ने मॉरीशस में छुट्टियां बिताने के दौरान बिकिनी में अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। तस्वीरें सामने आते ही उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उनके पहनावे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और उन्हें ‘संस्कारहीन’ तथा ‘बेशर्म’ जैसे शब्द कहे।
उस समय अभिनेत्री की पहचान खासतौर पर माता पार्वती के किरदार से जुड़ी हुई थी। इसी वजह से कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि पर्दे पर देवी का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री वास्तविक जीवन में ऐसे कपड़े कैसे पहन सकती है। लगातार मिल रहे नकारात्मक कमेंट्स के बीच सोनारिका ने शुरुआत में एक तस्वीर हटा दी थी, लेकिन बाद में उसे दोबारा पोस्ट कर दिया था।
अब सालों बाद इस घटना को याद करते हुए सोनारिका ने कहा कि किसी कलाकार का पर्दे पर निभाया गया किरदार उसकी निजी जिंदगी तय नहीं कर सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति समुद्र या स्विमिंग पूल में जा रहा है, तो वह बिकिनी के बजाय क्या पहनेगा? पानी में जाने के लिए पारंपरिक सूट पहनना जरूरी नहीं है। उनके मुताबिक, कलाकार को उसके काम और निजी जीवन के बीच फर्क करके देखना चाहिए।
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि ट्रोलिंग के दौरान लोग उनसे लगातार इंटरव्यू लेना चाहते थे और यही सवाल पूछते थे कि पार्वती का किरदार निभाने के बाद उन्होंने बिकिनी क्यों पहनी। सोनारिका का कहना है कि उन्होंने पर्दे पर एक किरदार निभाया था, लेकिन इससे उनकी निजी पसंद और जिंदगी पर कोई प्रतिबंध नहीं लग जाता।
सोनारिका ने ट्रोल करने वाले लोगों की मानसिकता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कई बार लोग दूसरों की जिंदगी देखकर जलते हैं और उन्हें यह पसंद नहीं आता कि कोई अपनी शर्तों पर जीवन जी रहा है। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि ‘देवों के देव… महादेव’ में पार्वती का किरदार निभाने के लिए वह दर्शकों की आभारी हैं, लेकिन लोगों को यह समझना चाहिए कि उनकी अपनी निजी जिंदगी भी है।
सोनारिका का यह बयान एक बार फिर इस बहस को सामने लाता है कि किसी कलाकार की ऑनस्क्रीन छवि और निजी जीवन को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। किसी धार्मिक या पौराणिक किरदार को निभाने का अर्थ यह नहीं है कि कलाकार वास्तविक जिंदगी में भी उसी तरह के कपड़े पहने या उसी छवि के मुताबिक व्यवहार करे। सोनारिका ने अपने ताजा बयान से साफ कर दिया है कि वह अपनी निजी पसंद को लेकर किसी तरह की सफाई देने के पक्ष में नहीं हैं।