देश की बड़ी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) से जुड़े नासिक यूनिट में सामने आए यौन उत्पीड़न मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में कई महिला कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न, बलात्कार, जबरन धर्म परिवर्तन और मानसिक प्रताड़ना शामिल हैं।
एफआईआर के मुताबिक, यह घटनाएं 2022 से लेकर 2026 तक लगातार होती रहीं, लेकिन शिकायतों के बावजूद समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्हें बार-बार अपमानित किया गया, अश्लील टिप्पणियां की गईं और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए गए और बाद में महिलाओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया। साथ ही, कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार, घूरना, निजी जिंदगी पर टिप्पणी करना और बार-बार परेशान करने जैसे आरोप भी दर्ज किए गए हैं।
इस पूरे मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कंपनी से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। वहीं, HR एग्जीक्यूटिव निदा खान फिलहाल फरार बताई जा रही हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं और एक पैटर्न के तहत लंबे समय से उत्पीड़न होने के संकेत मिले हैं। साथ ही, POSH (Prevention of Sexual Harassment) तंत्र पर भी सवाल उठ रहे हैं कि शिकायतों को समय रहते गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया।
कंपनी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है और जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
यह मामला सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे कॉर्पोरेट सेक्टर में कार्यस्थल की सुरक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली और महिलाओं के अधिकारों को लेकर बड़ी बहस छेड़ चुका है।
