बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव करीब डेढ़ महीने बाद रविवार को पटना वापस लौटे और मीडिया से बातचीत में उन्होंने राज्य की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया। तेजस्वी ने कहा कि वे अगले 100 दिनों तक बिहार सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी या आलोचना नहीं करेंगे, और यह समय वे सरकार के वादों और कामकाज का मूल्यांकन करने के लिए देंगे। इसके बाद ही वे अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया देंगे।
पटना लौटते ही तेजस्वी यादव ने कहा कि उनका यह फैसला सकारात्मक राजनीति करने और नए साल में जनता के प्रति जिम्मेदार रुख अपनाने के इरादे से आया है। उन्होंने कहा कि वे सरकार को 100 दिनों का समय देंगे ताकि वह विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने का प्रयास करे, और उन परिणामों को खुद देखेंगे, उसके बाद ही वे सरकार के कामकाज पर खुलकर बोलेंगे।
इस बीच तेजस्वी ने यह भी कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में जनता का संदेश साफ नहीं मिला, और उन्होंने इसे “लोकतंत्र की हार” तथा “मशीन और धनतंत्र की जीत” करार दिया। उनका कहना रहा कि आरजेडी (RJD) और उसके सहयोगी दल सकारात्मक ढंग से राजनीति करेंगे और जनता के मुद्दों को आगे बढ़ाएंगे।
राजद नेता की यह रणनीति राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा सियासी संतुलन बनाये रखने और सरकार को जवाबदेह ठहराने की एक चाल के रूप में देखी जा रही है। कई विश्लेषक मानते हैं कि तेजस्वी ने यह वक्त बहस को टालने या शांत रखने के लिए चुना है ताकि सरकार अपनी नीतियों को लागू करने का पूरा मौका पाये और भविष्य में इसके आधार पर वे ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।
