संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2026 के परिणाम ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले के एक छोटे से कस्बे कांधला को पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया है। यहां की रहने वाली आस्था जैन ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर देशभर में 9वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस सफलता की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पिता अजय जैन एक साधारण किराने की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी की पढ़ाई में कभी कमी न आने देने वाले पिता की मेहनत आज रंग लाई है और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।
आस्था जैन बचपन से ही पढ़ाई में काफी मेधावी रही हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई शामली में ही पूरी की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। बताया जाता है कि आस्था ने कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन पढ़ाई पर भी काफी भरोसा किया और अनुशासन के साथ तैयारी जारी रखी। उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली UPSC परीक्षा में टॉप-10 में जगह बनाई।
दिलचस्प बात यह है कि आस्था इससे पहले भी UPSC परीक्षा पास कर चुकी थीं। अपने पहले प्रयास में उन्हें 131वीं रैंक मिली थी, जिसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ और वह हैदराबाद में प्रशिक्षण ले रही थीं। हालांकि उनका सपना IAS अधिकारी बनने का था, इसलिए उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान भी पढ़ाई जारी रखी और दोबारा परीक्षा दी। आखिरकार अपने अगले प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर ली।
आस्था जैन की सफलता के बाद उनके घर और पिता की दुकान पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक साधारण परिवार से निकलकर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। आस्था ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को दिया है। उनका कहना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मुश्किल मंजिल दूर नहीं होती।
आस्था जैन की यह कहानी देशभर के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
