उत्तर प्रदेश में मौसम ने ऐसा विकराल रूप दिखाया कि कई जिलों में जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रयागराज, भदोही, फतेहपुर, मिर्जापुर, कौशांबी और संत रविदास नगर समेत कई जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है।
मौसम का मिजाज बुधवार शाम अचानक बदला और कुछ ही मिनटों में तेज धूलभरी आंधी ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद तेज बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। कई जगहों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे बड़े-बड़े पेड़, बिजली के खंभे और टीन शेड उड़ गए। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकान ढह गए और कई लोग मलबे में दब गए। प्रशासन के अनुसार, सबसे ज्यादा मौतें पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने की वजह से हुई हैं।
प्रयागराज में हालात सबसे ज्यादा भयावह बताए जा रहे हैं। यहां कई इलाकों में सड़कें बंद हो गईं और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों वाहन पेड़ों के नीचे दब गए। लोगों ने बताया कि शाम होते-होते अचानक अंधेरा छा गया और तेज हवाओं ने कई घरों की छतें उड़ा दीं। कुछ इलाकों में लोग जान बचाने के लिए घर छोड़कर बाहर भागते नजर आए।
भदोही और फतेहपुर में भी तूफान ने भारी तबाही मचाई। कई गांवों में बिजली गिरने से लोगों और पशुओं की मौत हुई है। खेतों में काम कर रहे किसान अचानक मौसम बदलने से सुरक्षित जगह तक नहीं पहुंच सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेशभर में 150 से ज्यादा पशुओं की भी मौत हुई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई गांवों में फसलें बर्बाद हो गईं और बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधित रही।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है और जिलाधिकारियों को 24 घंटे के भीतर नुकसान का सर्वे पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें कई जिलों में राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा खुले मैदानों में न जाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून सीजन में इस तरह की चरम मौसमी घटनाएं अब ज्यादा खतरनाक होती जा रही हैं।
