Site icon Prsd News

IND vs WI: वैभव सूर्यवंशी को लेकर कोच का बड़ा प्लान, मैच मिले या न मिले टीम के साथ बिताना होगा ज्यादा वक्त

navjivanindia 2026 09

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में खेला जाना है। इस मैच से पहले भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने अहम बात कही है। मोर्कल का मानना है कि 15 साल के इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज को टीम के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहिए, क्योंकि इससे उसके खेल और क्रिकेट की समझ को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मोर्कल ने कहा कि वैभव को चाहे हर मैच में खेलने का मौका मिले या नहीं, टीम के साथ रहना उसके लिए बेहद फायदेमंद है। उनके मुताबिक बस में सफर करने से लेकर ड्रेसिंग रूम, डगआउट और होटल तक अनुभवी खिलाड़ियों के साथ समय बिताना युवा बल्लेबाज के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है। इस दौरान वह यह समझ सकता है कि बड़े खिलाड़ी मैच के लिए किस तरह तैयारी करते हैं और अपनी पारी को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

भारतीय कोचिंग स्टाफ का जोर सिर्फ वैभव को तुरंत प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर नहीं, बल्कि उन्हें लंबे समय के लिए तैयार करने पर भी है। मोर्कल ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को सही माहौल देना जरूरी है, ताकि वे सवाल पूछ सकें, अनुभवी खिलाड़ियों को देख सकें और उनसे सीख सकें। उनके मुताबिक मैच में कम समय मिलने की स्थिति में भी खिलाड़ी सीखने और आगे बढ़ने की प्रक्रिया जारी रख सकता है।

वैभव हाल ही में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे और उन्होंने टूर्नामेंट के सभी मुकाबले खेले। हालांकि, वहां उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और दो मैचों में उनके बल्ले से कुल 53 रन निकले। इसके बावजूद उनकी प्रतिभा और कम उम्र में हासिल की गई उपलब्धियों के कारण उन्हें भारतीय क्रिकेट के भविष्य के अहम खिलाड़ियों में देखा जा रहा है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में वैभव को ओपनिंग का मौका मिलेगा या नहीं, इस पर मोर्कल ने कोई अंतिम संकेत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट मैच से पहले परिस्थितियों और खिलाड़ियों की स्थिति को देखकर सर्वश्रेष्ठ संयोजन तय करेगा। एशियन गेम्स के बाद कुछ खिलाड़ी हाल ही में वापस लौटे हैं, इसलिए यात्रा और जेट लैग भी टीम चयन में ध्यान देने वाले पहलू हैं।

इससे पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर भी वैभव की प्लेइंग इलेवन में जगह को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। गंभीर ने कहा था कि वैभव अच्छी फॉर्म में होने के बावजूद कभी-कभी युवा खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है। टीम मैनेजमेंट लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों के संयोजन को अचानक नहीं बदलना चाहता।

टी20 टीम में फिलहाल ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन प्रमुख विकल्प हैं। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम के मौजूदा संयोजन को देखते हुए वैभव के लिए अंतिम एकादश में जगह बनाना आसान नहीं है। हालांकि, पांच मैचों की सीरीज लंबी है और टीम मैनेजमेंट परिस्थितियों के मुताबिक खिलाड़ियों को मौका देने के विकल्प पर विचार कर सकता है।

मोर्कल ने यह भी साफ किया कि भारत का लक्ष्य केवल एक मुकाबला जीतना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना भी है। उनका कहना है कि जिन खिलाड़ियों को भारतीय जर्सी में खेलने का मौका मिलता है, उनके अनुभव से टीम का पूरा खिलाड़ी पूल मजबूत होता है। इसी सोच के तहत युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय माहौल में लगातार सीखने का अवसर दिया जा रहा है।

वहीं, मोर्कल ने कुलदीप यादव की फॉर्म में वापसी पर भी खुशी जताई और उन्हें टीम के लिए बड़ा मैच विनर बताया। इसके अलावा मयंक यादव की चोट के बाद वापसी और प्रिंस यादव के अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की भी उन्होंने तारीफ की। इससे संकेत मिलता है कि टीम मैनेजमेंट वेस्टइंडीज सीरीज में वर्तमान प्रदर्शन के साथ-साथ भविष्य के लिए खिलाड़ियों का मजबूत पूल तैयार करने पर भी ध्यान दे रहा है।

फिलहाल वैभव सूर्यवंशी के लिए संदेश साफ है कि सिर्फ प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना ही विकास का एकमात्र रास्ता नहीं है। अनुभवी खिलाड़ियों के बीच रहकर सीखना, ट्रेनिंग में खुद को बेहतर करना और टीम के माहौल को समझना भी उनके करियर का अहम हिस्सा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उन्हें कब और कितने मैचों में मौका मिलता है, यह टीम के संयोजन पर निर्भर करेगा, लेकिन भारतीय टीम के साथ बिताया हर दिन इस युवा बल्लेबाज के लिए सीखने का बड़ा अवसर साबित हो सकता है।

Exit mobile version