दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए भीषण भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। राजधानी कराकास और उसके आसपास के कई इलाकों में इमारतें ढह गईं, सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और कई लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। इस आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए वेनेजुएला की जनता और सरकार के प्रति संवेदना प्रकट की है। साथ ही भारत की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंपों से हुई तबाही से वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत वेनेजुएला के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
रिपोर्टों के अनुसार 24 जून को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए, जिनका केंद्र राजधानी कराकास के निकट क्षेत्र में था। झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें धराशायी हो गईं और बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित हुआ। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। शुरुआती आंकड़ों में कम से कम 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि हवाई अड्डों और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में भी कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
इस त्रासदी के बाद दुनिया के कई देशों ने वेनेजुएला के प्रति एकजुटता दिखाई है। भारत की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का सहायता का प्रस्ताव दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग और आपदा के समय वैश्विक साझेदारी की भावना को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी राहत सामग्री, बचाव दल और अन्य सहायता पहुंचाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
