
दक्षिण अमेरिका के तेल संपन्न लेकिन आर्थिक रूप से गहरे संकट से जूझ रहे देश वेनेजुएला की मुद्रा बोलिवर (VES) आज वैश्विक बाजार में अपनी कमजोरी के लिए चर्चा में है। हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई (एयरस्ट्राइक) और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ़्तार किए जाने के बाद देश की राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता और बढ़ गई है, जिससे देश की मुद्रा के गिरते मूल्य पर और ज़्यादा दबाव पड़ा है।
वैश्विक मुद्रा विनिमय के आंकड़ों के मुताबिक़ 1 भारतीय रुपया लगभग 3.3 वेनेजुएला बोलिवर (VES) के बराबर है। Wise इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति भारत से ₹500 लेकर वेनेजुएला जाता है, तो उसे वहाँ बाजार दर के अनुसार लगभग 1,650 से 1,700 बोलिवर मिल सकते हैं। इसी तरह, **₹10,000 भारतीय रुपये का मूल्य भी करीब 32,000 से 33,850 बोलिवर के आसपास हो सकता है, हालांकि यह दर समय-समय पर बदलती रहती है। ABP News+1
वेनेजुएला की मुद्रा की इस कमजोरी का मुख्य कारण देश की मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितता है। यहाँ के नागरिक और अर्थशास्त्री बताते हैं कि देश में वर्षों से अत्यधिक महंगाई (हाइपरइन्फ्लेशन) और विदेशी मुद्रा संकट के चलते बोलिवर की क्रय शक्ति लगातार घटती जा रही है। ABP News इसके अलावा राजनीतिक संकट और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों ने निवेश और मुद्रा स्थिरता को और कमजोर कर दिया है, जिससे बोलिवर की स्थिति और नाजुक हो गई है। Navbharat Times
विशेषज्ञों के अनुसार, बोलिवर की इतनी गिरती कीमत के बावजूद इसका अर्थ यह नहीं है कि भारतीय रुपये के धारक वेनेजुएला में आसानी से सामान खरीद सकते हैं। वहाँ महंगाई की दर इतनी अधिक है कि हजारों बोलिवर लेकर भी रोज़मर्रा की वस्तुएँ खरीदने में मुश्किल होती है, क्योंकि कीमतें लगातार बदलती रहती हैं और मुद्रा की क्रय शक्ति बहुत कम है। ABP News
वैश्विक बाजार में मुद्रा विनिमय दरों के अलावा, वेनेजुएला के आर्थिक संकट का असर इस देश के तेल निर्यात और आयात व्यापार पर भी देखा जा रहा है। भले ही देश के पास विश्व के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडार हैं, लेकिन स्थानीय मुद्रा की कमजोरी और आर्थिक प्रतिबंधों के कारण इसका प्रभावी उपयोग नहीं हो पा रहा है। ABP News
अंतरराष्ट्रीय राजनीति के सन्दर्भ में भी यह मुद्दा महत्वपूर्ण है। अमेरिका-वेनेजुएला तनाव के चलते आर्थिक बाजारों और निवेशकों की धारणा प्रभावित होती दिख रही है, जिससे मुद्रा की अस्थिरता और बढ़ती है। Hindustan Times इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अर्थव्यवस्था में राजनीतिक घटनाक्रम का भी गहरा प्रभाव होता है, जो सीधे मुद्रा के मूल्यों और व्यापारिक रिश्तों को प्रभावित कर सकता है।
हालाँकि वेनेजुएला और भारत के बीच तेल और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार के संबंध अब भी मौजूद हैं, लेकिन मुद्रा विनिमय और आर्थिक अस्थिरता जैसी चुनौतियाँ इन संबंधों को स्थिर रखने में कठिनाई पैदा कर रही हैं।



