वियतनाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट के पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। हादसे के समय नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के सदस्य शामिल थे। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और बचाव दल ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
बताया जा रहा है कि नाव फु क्वोक द्वीप के निकट स्थित एक पर्यटन स्थल से वापस लौट रही थी, तभी खराब मौसम, तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। हादसा तट से लगभग 400 मीटर की दूरी पर हुआ, लेकिन तेज धाराओं और खराब मौसम के कारण कई यात्री नाव के भीतर ही फंस गए। आसपास मौजूद अन्य नौकाओं और बचाव दल ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, जिसके चलते 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही वियतनाम में स्थित भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया। दूतावास ने हनोई और हो ची मिन्ह सिटी में आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए हैं ताकि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। भारतीय अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है और मृतकों की पहचान, घायलों की देखभाल तथा परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
वियतनाम सरकार ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि खराब मौसम और ऊंची लहरें हादसे की प्रमुख वजह हो सकती हैं, हालांकि अधिकारी नाव की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा मानकों और चालक दल की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। विशेषज्ञ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या मौसम संबंधी चेतावनियों का पूरी तरह पालन किया गया था और क्या नाव पर सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध थीं।
इस दुर्घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भारत सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और वियतनाम में भारतीय दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है। वहीं दोनों देशों के अधिकारी राहत एवं समन्वय कार्यों में जुटे हुए हैं ताकि घायलों को शीघ्र उपचार मिले और मृतकों के पार्थिव शरीरों को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके। यह हादसा एक बार फिर पर्यटन गतिविधियों के दौरान समुद्री सुरक्षा उपायों की अहमियत को रेखांकित करता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
