सितंबर के मध्य में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 15 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना है। IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली-हरियाणा-पंजाब में 15 से 17 सितंबर तक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
राजधानी दिल्ली में मंगलवार को मौसम बादलों से घिरा रहने और अलग-अलग इलाकों में बारिश होने की संभावना है। IMD के दिल्ली पूर्वानुमान में दिन के दौरान बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। शाम और रात के समय भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। ऐसे में दिल्ली-NCR में आने-जाने वाले लोगों को अचानक बदलने वाले मौसम के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
हरियाणा और पंजाब में भी बारिश का दौर तेज हो सकता है। IMD ने दोनों क्षेत्रों के साथ चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 15 से 17 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। खासतौर पर खुले इलाकों और कमजोर ढांचों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
उत्तर प्रदेश की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। IMD के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 से 18 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 से 20 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 15 सितंबर को दोनों हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है।
बिहार में 15 सितंबर को कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है, जबकि 16 और 17 सितंबर को बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है। IMD ने इस दौरान बिहार में भारी बारिश की संभावना भी जताई है। झारखंड में 15 से 20 सितंबर के बीच बारिश का दौर बने रहने और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
राजस्थान में भी मौसम करवट ले रहा है। IMD के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान में 15 और 16 सितंबर को और पूर्वी राजस्थान में 15 से 17 सितंबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना है। राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार जयपुर, भरतपुर और कोटा जैसे क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधि देखने को मिल सकती है।
पूर्वी भारत और पश्चिम बंगाल में भी मौसम सक्रिय रहेगा। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि 16 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। बिहार और झारखंड में भी गरज-चमक तथा तेज हवाओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी भारत में गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में भी बारिश की गतिविधि रहेगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 15 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं कोंकण और गोवा में भी 15-16 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है।
इस बीच मानसून के पीछे हटने के संकेत भी मिलने लगे हैं। IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी करीब 19 सितंबर से शुरू हो सकती है, लेकिन उससे पहले कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है। इसलिए अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विशेषज्ञों की सलाह है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। दिल्ली-NCR समेत प्रभावित राज्यों में लोगों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखने और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत है। अगले 48 से 72 घंटे उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
