पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले से सामने आए एक वीडियो ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता शाहिदुल मिया कथित तौर पर अपने घर में बेड के नीचे छिपे दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि सरकारी योजनाओं में कथित “कट मनी” वसूली को लेकर नाराज ग्रामीणों ने उनके घर का घेराव कर लिया था, जिसके बाद वह भीड़ से बचने के लिए छिप गए। बाद में पुलिस उन्हें वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गई।
यह मामला कूचबिहार के माथाभांगा क्षेत्र का बताया जा रहा है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख Amit Malviya ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने शाहिदुल मिया पर सरकारी आवास योजनाओं के लाभार्थियों से 5,000 से 20,000 रुपये तक की अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। मालवीय ने कहा कि जैसे-जैसे कथित भ्रष्टाचार मामलों की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे ऐसे लोगों के लिए छिपना मुश्किल होता जा रहा है।
दरअसल, हाल के दिनों में कूचबिहार और आसपास के इलाकों में “कट मनी” को लेकर विरोध प्रदर्शन बढ़े हैं। कई गांवों में लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे पैसे वसूले गए थे। सत्ता परिवर्तन के बाद कई स्थानों पर ग्रामीणों ने कथित तौर पर अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी है। कुछ मामलों में स्थानीय नेताओं और उनके परिजनों द्वारा लोगों को पैसे लौटाने की खबरें भी सामने आई हैं।
माथाभांगा में भी ग्रामीणों का गुस्सा इसी मुद्दे को लेकर सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, लोगों ने कथित रूप से शाहिदुल मिया के घर पहुंचकर जवाब मांगा। इसी दौरान उनके बेड के नीचे छिपे होने का वीडियो वायरल हो गया, जिसने पूरे राज्य में राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि सभी मीडिया संस्थान नहीं कर पाए हैं।
इस घटना को लेकर TMC और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। बीजेपी इसे भ्रष्टाचार और “कट मनी” संस्कृति का उदाहरण बता रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि पार्टी का अवैध वसूली जैसी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है और ऐसे मामलों की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए।
