
IPL क्रिकेटर यश दयाल को रेप मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा
जयपुर (Rajasthan) से बड़ी न्यायिक खबर सामने आई है जहाँ आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाज यश दयाल को एक नाबालिग के साथ कथित बलात्कार (rape) मामले में गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा (interim protection) प्रदान की गई है। यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने 23 जनवरी 2026 को सुनाया है। फ़ैसले के अनुसार यश दयाल को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और उन्होंने 28 जनवरी 2026 तक जांच अधिकारी (IO) के सामने हाज़िर होने का निर्देश दिया गया है।
यह आदेश उस FIR के साथ जुड़ा हुआ है जो जयपुर के सांगानेर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि दयाल ने पिछले दो सालों में उसे क्रिकेट कैरियर का लालच देकर शारीरिक रूप से शोषण किया। मामले में Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act और संबंधित धाराएँ लागू की गई हैं क्योंकि शिकायतकर्ता पहले नाबालिग थी जब घटना कथित रूप से पहली बार हुई थी।
कोर्ट ने क्या कहा?
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गणेशराम मीणा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यश दयाल को अस्थायी गिरफ्तारी से सुरक्षा देने का आदेश सुनाया और कहा कि वे जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि उन्होंने जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किया गया केस डायरी सुना है और आगे सुनवाई 30 जनवरी 2026 को होगी। दयाल के वकील ने अदालत को बताया कि प्राथमिकी लगभग दो साल बाद दर्ज की गई थी, जिसपर कोर्ट ने भी ध्यान दिया।
मामला क्या है?
यश दयाल पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता से संपर्क क्रिकेट जगत के संपर्क के बहाने किया और उसे करियर में मदद का वादा कर उसे अपने साथ होटल बुलाया जहाँ कथित रूप से उसका बलात्कार किया गया। पुलिस शिकायत में यह बताया गया है कि प्रथम घटना जब पीड़िता 17 वर्ष की थी तब हुई थी, और बाद में आईपीएल 2025 दौरान जयपुर में फिर से शारीरिक शोषण का आरोप है।
यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि इसमें POCSO एक्ट के तहत गंभीर श्रेणी के आपराधिक आरोप शामिल हैं और आरोप लगने के बाद ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी। कोर्ट ने भी इस गंभीरता को देखते हुए गिरफ्तारी पर शादी-ब्याह की कमी या सूचीबद्ध साक्ष्यों की मजबूती तक जल्दबाजी से रोक लगाया है।
पहले से जुड़ा मामला भी विवादित रहा
इससे पहले ग़ाज़ियाबाद में भी इसी खिलाड़ी के खिलाफ एक अलग सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन (sexual exploitation) केस दर्ज हुआ था, जिसमें एक अलग महिला ने उसके ऊपर शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धोखे के आरोप लगाए थे। उस मामले में आलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर स्थगन (stay) दिया था, लेकिन जयपुर केस अलग है क्योंकि यह नाबालिग से जुड़े आरोपों के अंतर्गत आता है।
खेल-समाज में प्रतिक्रिया
इस खबर ने न केवल क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है, बल्कि सामाजिक मीडिया और आम जनता के बीच भी तीखी प्रतिक्रियाएँ देखी जा रही हैं। आईपीएल में खेलने वाले ऐसे खिलाड़ी पर इस तरह के गंभीर आरोप खेल-समाज के लिए यथार्थ में चिंता का विषय बने हैं, क्योंकि खिलाड़ियों की छवि और अनुशासन दोनों ही सवालों के घेरे में हैं।
आगे की प्रक्रिया
अब कोर्ट 30 जनवरी 2026 को अगली सुनवाई करेगा जब जांच अधिकारी मामले की विस्तृत केस डायरी पेश करेंगे और उसके बाद अदालत मूल विचार करेगा कि गिरफ्तारी या अग्रिम जमानत (anticipatory bail) पर आगे क्या फैसला लिया जाए। लॉ विशेषज्ञों का कहना है कि मामले की जत्था-वार गंभीरता, पीड़िता की उम्र और साक्ष्यों के आधार पर अगला फ़ैसला चीनी का निर्णय लेकर सकता है।
यह मामला अभी जांच के अधीन है और अदालत के आदेश के अनुसार यश दयाल को अब अस्थायी सुरक्षा मिली है, लेकिन आरोप वैध साबित होने पर गंभीर दंड का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि कानून के तहत ऐसे आरोपों में तीव्र दंड प्रक्रिया और सख्त सजा तय की गई है।



