वाराणसी दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशीवासियों को बड़ी सौगात देते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। लंबे समय से स्थानीय लोगों की यह मांग थी कि उन्हें मंदिर में दर्शन के लिए अलग प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराया जाए, ताकि भारी भीड़ के बीच उन्हें घंटों इंतजार न करना पड़े। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मंदिर प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने की घोषणा कर दी है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत अब वाराणसी के स्थानीय निवासी ‘काशी द्वार’ यानी गेट नंबर 4B के माध्यम से पूरे दर्शन समय के दौरान मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। पहले यह सुविधा सीमित समय के लिए उपलब्ध थी, जिसके तहत स्थानीय लोगों को केवल दिन में दो घंटे प्रवेश की अनुमति मिलती थी। अब मंदिर खुलने के लगभग 15 मिनट बाद यानी सुबह 4:15 बजे से लेकर रात 10:45 बजे तक स्थानीय श्रद्धालु इस विशेष प्रवेश मार्ग का उपयोग कर बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रमुख पर्वों और अत्यधिक भीड़ वाले विशेष अवसरों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान श्रावण मास की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सावन के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रेलवे और परिवहन विभाग के साथ बेहतर तालमेल बनाकर भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, निशुल्क लॉकर, खोया-पाया केंद्र और आपदा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने, नावों में लाइफ जैकेट अनिवार्य करने तथा घाटों की सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा मैदागिन से गोदौलिया तक यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और बैरिकेडिंग को सुरक्षित ढंग से लगाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक के दौरान वाराणसी में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि शहर में हजारों करोड़ रुपये की लागत से अनेक परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने रोप-वे परियोजना, जल जीवन मिशन, अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद सड़कों की मरम्मत, दालमंडी सड़क चौड़ीकरण, नई टाउनशिप और यूनिटी मॉल जैसी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि वाराणसी में विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्थानीय जनप्रतिनिधियों और काशीवासियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को नियमित दर्शन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब अलग प्रवेश मार्ग की व्यवस्था लागू होने से स्थानीय श्रद्धालुओं को भीड़ से राहत मिलेगी और वे अधिक सुविधाजनक तरीके से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे। श्रावण मास से पहले लिया गया यह निर्णय मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों, दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
