
Booth Level Officer (BLO) मौत-सुसाइड मामलों पर तत्काल सुधार की मांग
Supreme Court of India (SC) ने देश में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान BLOs की मौतों और आत्महत्याओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। अदालत ने कहा है कि BLOs पर काम का बोझ बहुत भारी हो गया है — और राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वह तुरंत अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करें ताकि प्रत्येक BLO पर असह-योग्य बोझ न पड़े।
SC ने यह भी कहा कि अगर किसी कर्मचारी की हालत खराब हो या वह ड्यूटी करने में असमर्थ हो, तो उसकी जगह वैकल्पिक कर्मचारी तैनात की जाए। यानी राज्यों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे BLOs के काम के घंटे और कार्यभार को उचित ढंग से नियंत्रित करें।
पिछले हफ्तों में कई BLOs — जिन पर SIR के तहत मतदाता सूची सुधार का दायित्व था — कथित मानसिक तनाव, अत्यधिक काम, targets और deadlines को लेकर आत्महत्या कर चुके हैं। एक BLO ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उसने कहा था कि वह काम पूरा नहीं कर पाया और अपने परिवार से माफ़ी मांगते हुए कहा था, “मां, मैं जीना चाहता हूँ, लेकिन…”।
SC के निर्देशों से यह स्पष्ट हुआ है कि मतदाता सूची की समीक्षा (SIR) कोई हल्की प्रक्रिया नहीं है — इसमें कार्यरत लोगों की भलाई, उनकी सुरक्षा और काम के बोझ का उचित प्रबंधन अनिवार्य है। अब यह देखना होगा कि क्या राज्यों व ECI इन निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करते हैं ताकि भविष्य में इसी तरह की tragedies रोकी जा सकें।



