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लखनऊ में छत पर खेल रही 3 साल की बच्ची के सिर में लगी गोली

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लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जब तीन साल की मासूम बच्ची लक्ष्मी छत पर अपने भाई-बहन के साथ खेल रही थी, तभी अचानक उसके सिर में एक गोली लग गई। शुरुआत में परिजन एवं डाक्टर इसे मामूली चोट समझ बैठे, लेकिन बाद में जब स्थिति गंभीर हुई तो पता चला कि बच्ची के सिर में गोली ही फंसी हुई थी, जिससे पूरे परिवार में दहशत फैल गई है। पुलिस और चिकित्सा व्यवस्थाएँ दोनों ही इस अनहोनी के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं।

घटना 16 दिसंबर की शाम की बताई जा रही है, जब लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके के बस्तौली गांव में लक्ष्मी अपने बड़े भाई सौभाग्य (8) और हिमांश (7) के साथ घर की छत पर टिन शेड के नीचे खेल रही थी। अचानक तेज आवाज हुई और अगले ही क्षण बच्ची के सिर से खून बहने लगा। परिजन तुरंत उसे नजदीकी निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डाक्टरों ने चोट को मामूली समझकर सिर पर टांके लगा दिए और घर भेज दिया।

लेकिन रात होते-होते बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसे भारी दर्द तथा उल्टी होने लगी। इसके बाद परिजन घबराकर उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराए, जहाँ CT स्कैन के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बच्ची के सिर के अंदर एक गोली फंसी हुई थी। इसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर में रेफर किया गया और करीब 5 घंटे तक ऑपरेशन के बाद गोली निकाल दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि गोली पहले टिन शेड को भेदते हुए बच्ची के सिर में आई, जिससे उसकी रफ्तार और प्रभाव कम हो गया और इसी वजह से बच्ची की जान बच सकी।

यह मामला न सिर्फ चिकित्सा भूल का उदाहरण बन गया, बल्कि सुरक्षित फायरिंग और घरेलू सुरक्षा के गंभीर सवाल भी उठाता है। डाक्टरों द्वारा बिना जांच-जांच के इलाज शुरू करना तथा सीटी-स्कैन व एक्स-रे जैसे जरूरी परीक्षणों को न कर पाना खतरनाक साबित हो सकता था। हालांकि अब बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन परिवार और पड़ोस में लोगों के मन में यह सवाल गूंज रहा है कि गोली कहां से और किसने चलाई

घटना की जानकारी मिलने पर गाजीपुर पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने बच्ची के पिता की शिकायत पर हत्याप्रयास (attempt to murder) की धारा में FIR दर्ज कर दी है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर पुलिस टीम ने टिन शेड में गोली का निशान देखा और आसपास के घरों, सीसीटीवी फुटेज तथा आस-पास के इलाकों में लगी कैमरों को खंगाला जा रहा है। हालाँकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली किस असलहे से और किस स्थिति में चलाई गई थी; यही वजह है कि पूरा मामला पुलिस के लिए एक पहेली बन गया है।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि घटना के आसपास किसी भी लाइसेंसी हथियार के मालिक का पता नहीं चला है और ना ही फिलहाल कोई संदिग्ध गिरफ्तार हुआ है। पुलिस आसपास के घरों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से यह जानने की कोशिश कर रही है कि गोली का स्रोत कहां से आया। इस दौरान परिवार और पड़ोसी समुदाय दोनों ही इस दुखद घटना से सदमे में हैं।

इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से यह एक बार फिर स्पष्ट होता है कि आसपास की फायरिंग और असुरक्षित हथियारों का उपयोग किस हद तक जानलेवा और खतरनाक साबित हो सकता है, खासकर जब इससे मासूम बच्चों की जान को खतरा हो। पुलिस की तफ्तीश के आने वाले दिनों में इस मामले के और तथ्य सामने आने की उम्मीद है, ताकि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके।

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