
बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की मौत के बाद से ही उनकी जिंदगी और निजी फैसलों को लेकर कई चर्चाएँ होती रहती हैं, लेकिन अब उनके आखिरी वसीयत (Will) को लेकर एक बार फिर सुर्खियाँ बनी हुई हैं। काका के नाम से मशहूर राजेश खन्ना ने 18 जुलाई 2012 को 69 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा था, और बताया जाता है कि उन्होंने अपनी करोड़ों की संपत्ति अपनी दोनों बेटियों ट्विंकल और रिंकी खन्ना के नाम कर दी थी, जबकि उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया को वसीयत में कहीं शामिल नहीं किया गया। यह खुलासा उनके आखिरी वसीयत के दस्तावेजों से सामने आया है, जिसने फिल्मी दुनिया में एक बार फिर से बहस को जन्म दिया है।
राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की शादी 1973 में हुई थी और दोनों की दो बेटियाँ हुईं – ट्विंकल और रिंकी। विवाह के बाद भी दोनों के रिश्ते में कई उतार-चढ़ाव आए और 1980 के दशक में उनका अलग होना भी सुर्खियों में रहा, हालांकि दोनों ने कभी औपचारिक तरीके से तलाक तक नहीं लिया। उनके अलग रहने के बावजूद डिंपल ने काका के साथ जीवन के कई अहम दौर बिताए, खासकर तब जब उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाई थी।
जब राजेश खन्ना की तबीयत खराब हुई और वे कैंसर से जूझ रहे थे, तब उन्होंने अपनी वसीयत तैयार की थी और बताया जाता है कि लगभग 600 करोड़ रुपये (उनकी कुल संपत्ति) को अपनी बेटियों के नाम करते हुए डिंपल को संपत्ति में शामिल नहीं किया गया। इस फैसले ने लंबे समय से चर्चा को जन्म दिया है क्योंकि कई लोगों का मानना है कि डिंपल ने काका के अंतिम दिनों में उनके साथ अच्छा व्यवहार किया था।
इसके पीछे कुछ विश्लेषक और पैपराज़ी रिपोर्ट बताते हैं कि उनके लंबे समय तक अलगाव के बावजूद संबंधों की पेचीदगी ने शायद इस फैसले में भूमिका निभाई होगी। वहीं कुछ सूत्रों में यह भी कहा जाता है कि काका ने अपनी भावनाओं और पारिवारिक संरचना के अनुसार संपत्ति का विभाजन अपने तरीक़े से तय किया होगा।
डिंपल कपाड़िया ने भी कई मौकों पर राजेश खन्ना के बारे में सम्मानपूर्वक बयान दिए हैं और सार्वजनिक रूप से उन्होंने न तो इस फैसले की आलोचना की है और न ही कोई तीखा बयान दिया है। उनका रुख हमेशा संतुलित और शांतिपूर्ण रहा है, और उन्होंने कई बार कहा कि उनके और काका के बीच की यादें अलग-अलग पहलुओं से भरी हुई हैं और दोनों ने जीवन में कई चीज़ें साथ में अनुभव की हैं।
बॉलीवुड इतिहास में राजेश खन्ना की शादी और प्यार की कहानी को हमेशा से एक दिलचस्प विषय के रूप में देखा जाता रहा है—जहाँ एक तरफ़ वे सिनेमा के पहले सुपरस्टार थे, वहीं दूसरी तरफ़ उनकी निजी जिंदगी उतनी ही जटिल और दिलचस्प रही। डिंपल की भूमिका, उनके अलगाव के बावजूद, उनके व्यक्तित्व और करियर दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस तरह के वसीयत मामलों में अक्सर परिवार और मीडिया के बीच कई सवाल उठते हैं, खासकर जब सार्वजनिक हस्तियों का नाम जुड़ा हो। राजेश खन्ना की यह वसीयत और उसका वितरण आज भी उनके प्रशंसकों और फिल्मी दुनिया के लिए एक बड़ा चर्चा-विषय बना हुआ है।



