Advertisement
दिल्ली (यूटी)लाइव अपडेट
Trending

दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता में सुधार, GRAP-4 प्रतिबंध हटाए गए

Advertisement
Advertisement

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर के चलते पिछले कुछ समय से लागू सख़्त प्रतिबंधों में आज कुछ राहत मिली है। वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 के तहत लागू कड़े प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह फैसला उस परिस्थिति में लिया गया है जब दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में ‘सीवियर प्लस’ या बेहद गंभीर श्रेणी से सुधार देखा गया और इसे ‘खराब’ श्रेणी तक कम किया गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में थोड़ी राहत मिली है।

CAQM ने बताया है कि 24 दिसंबर 2025 को वायु गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिलने के बाद आज जारी आदेश के ज़रिये GRAP-4 प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया गया। यह कदम मौसम में अनुकूल बदलाव, तेज़ हवाओं और प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों में कुछ कमी के कारण हुआ है। इससे पहले, GRAP-4 लागू होने पर निर्माण कार्यों पर रोक, स्कूलों और कार्यालयों में विशेष नियम, 10-11 साल से पुराने वाहनों पर पाबंदी, डीजल ट्रकों का प्रवेश प्रतिबंध और कई रोज़मर्रा गतिविधियों में सख़्ती लागू की गई थी, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हुआ था।

वहीं, आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्टेज-1, स्टेज-2 और स्टेज-3 के तहत लागू प्रतिबंध अब भी प्रभावी रहेंगे और इन्हें सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि वायु गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो और प्रदूषण फिर से गंभीर स्तर पर वापस न आए। इसका मतलब यह है कि कुछ गतिविधियों पर नियंत्रण जारी रहेगा, जैसे वाहन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) नियम, धूल नियंत्रण उपाय और औद्योगिक उत्सर्जन मानकों का पालन आदि।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार थोड़े समय के लिये राहत भरा है, लेकिन वायु प्रदूषण से निपटने के लिये सतत प्रयासों की जरूरत है, क्योंकि मौसम की बदलती परिस्थितियों के कारण हवा की गुणवत्ता फिर से खराब हो सकती है। हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 400 से ऊपर भी दर्ज किया गया था, जो ‘सीवियर’ श्रेणी का संकेत है और इसी वजह से शुरुआत में कड़े GRAP-4 प्रतिबंध लागू किये गए थे।

आम नागरिकों के लिये यह राहत महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रैप-4 के हटने के बाद निर्माण कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे, पुराने वाहनों पर लगी रोक कुछ हद तक हट सकती है, और बाहर की रोज़मर्रा गतिविधियाँ सुचारू रूप से चल सकेंगी। हालांकि, विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा है कि हवा की गुणवत्ता अभी भी ‘बहुत खराब’ या ‘खराब’ श्रेणी में रह सकती है और लोग स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को जारी रखें।

सरकार और पर्यावरण एजेंसियाँ लगातार मौसम पूर्वानुमान और AQI डेटा की समीक्षा कर रही हैं, ताकि आवश्यकतानुसार अगले स्तर के उपाय लागू किये जा सकें और प्रदूषण में सुधार की इस लकीर को बनाए रखा जा सके। आमतौर पर सर्दियों के महीनों में कोहरे और ठंडी हवा के कारण प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए अधिकारियों द्वारा जनता से सहयोग और नियमों का पालन करने की अपील जारी है।

यह निर्णय उन लोगों और व्यवसायों के लिये राहतजनक माना जा रहा है जो पिछले दिनों सख़्त पाबंदियों के कारण प्रभावित थे, लेकिन विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि प्रदूषण से लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और सतर्कता अभी भी आवश्यक है ताकि प्रदूषण फिर गंभीर स्तर पर वापस न आ जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share