
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ब्रिटेन (UK) में उच्च शिक्षा (higher education) के लिए सरकारी छात्रवृत्ति (scholarships) देने पर रोक लगा दी है, जिससे ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में पढ़ना इच्छुक छात्र अब सरकारी फंडिंग (government funding) नहीं पा सकेंगे। यह फैसला यूएई-यूके (UAE-UK) के बीच राजनीतिक और सुरक्षा तनाव के बीच आया है।
UAE सरकार ने अपने विदेश अध्ययन के लिए सभी ब्रिटिश यूनिवर्सिटियों को अपनी “मान्यता प्राप्त सूची (approved list)” से हटा दिया है, यानी अब ब्रिटेन में पढ़ाई पर मिलने वाली सरकारी छात्रवृत्ति समाप्त हो गई है। हालांकि कुछ छात्र जो पहले से ही ब्रिटेन में पढ़ रहे हैं, उन्हें कुछ सहारा मिल रहा है, और धनी परिवार अपने बच्चों को निजी खर्च पर अभी भी भेज सकते हैं।
यूएई का कहना है कि यह कदम ब्रिटिश कैंपसों में “इस्लामिक कट्टरपंथ और मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रभाव (influence of Islamist radicalisation and the Muslim Brotherhood)” को रोकने के लिए उठाया गया है। UAE इसे सुरक्षा खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसके अनुसार ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में किसी हद तक मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े विचार फैल सकते हैं।
शिक्षा मंत्रालय की नई सूची में अमेरिका (US), ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और यहां तक कि इज़राइल के विश्वविद्यालय शामिल हैं, लेकिन ब्रिटेन नहीं है। UAE अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि यह कोई गलती नहीं थी — ब्रिटेन को जानबूझकर हटाया गया है, क्योंकि वह मुस्लिम ब्रदरहुड को प्रतिबंधित (proscribe) नहीं करता और इस समूह को आतंकी संगठन नहीं मानता, जबकि UAE इसे आतंकवादी मानता है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस कदम का प्रभाव केवल शिक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह दोनों देशों के बीच शैक्षणिक और कूटनीतिक संबंधों में तनाव (diplomatic and educational ties) का संकेत भी है, जिससे UAE के छात्रों की संख्या ब्रिटेन से कम हो सकती है।
मुख्य बिंदु:
• UAE ने ब्रिटेन में पढ़ाई के लिए सरकारी छात्रवृत्ति रद्द कर दी है।
• ब्रिटिश विश्वविद्यालयों को UAE की मान्यता सूची से हटाया गया।
• फैसला “इस्लामिक कट्टरपंथ और मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रभाव” की चिंता के कारण लिया गया।
• धनी परिवार अभी भी निजी खर्च पर ब्रिटेन भेज सकते हैं, लेकिन फंडिंग पर असर पड़ेगा।
Tags (English): UAE, UK, scholarships, Muslim Brotherhood, Islamist radicalisation, education policy, government funding, international relations, study abroad



