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जम्मू‑कानाचक में सैटेलाइट फोन के संकेत मिले

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जम्मू के कनाचक क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सैटेलाइट फोन (satellite phone) के संकेत मिले हैं, जिसके बाद भारतीय सेना, विशेष ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (search operation) शुरू कर दिया। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यह संचार एक थुराया (Thuraya) सैटेलाइट डिवाइस से ट्रेस किया गया था, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित कनाचक में सक्रिय पाया गया। यह क्षेत्र पहले भी आतंकियों के इंफिल्ट्रेशन रूट के रूप में जाना जाता रहा है और इसलिए इसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

सुरक्षा बलों ने पूरे कनाचक क्षेत्र को घेराबंदी (cordon) में लिया और तलाशी अभियान को लगातार तेज़ किया है। अधिकारी बताते हैं कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध आतंकियों की मौजूदगी का पता लगाना और उनके किसी भी संभावित हमले को रोकना है। खासकर गणतंत्र दिवस के नज़दीक यह ऑपरेशन और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि सुरक्षा बलों का ध्यान सीमा और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने पर केंद्रित है।

जम्मू क्षेत्र के ऊँचाई वाले और कठिन भूभागों में भी यह तलाशी अभियान चल रहा है। सुरक्षा अधिकारी बताते हैं कि खुफिया इनपुट के अनुसार इलाके में लगभग तीन दर्जन सक्रिय आतंकवादी मौजूद हो सकते हैं, जिनकी गतिविधियों पर नजर रखना अत्यंत आवश्यक है। पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियों के कई प्रयास हुए हैं, जिससे यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि कोई भी आतंकवादी हमला न हो।

तकनीकी उपकरणों और खुफिया नेटवर्क का उपयोग अब आतंकवादियों की हरकतों पर नज़र रखने और उन्हें रोकने में अहम भूमिका निभा रहा है। इस ऑपरेशन में ड्रोन, सैटेलाइट ट्रैकिंग और स्थानीय सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाइयाँ शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के अभियान से न केवल आतंकियों की गतिविधियों को रोका जा सकता है, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सीमा की रक्षा भी सुनिश्चित होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कनाचक जैसे संवेदनशील इलाके में त्वरित कार्रवाई और सतर्कता बेहद जरूरी है क्योंकि यह क्षेत्र भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट है और आतंकियों के लिए पारंपरिक घुसपैठ मार्ग के रूप में इस्तेमाल होता रहा है। ऐसे मामलों में सुरक्षा बलों की सटीक और समय पर प्रतिक्रिया ही किसी बड़े खतरे को रोकने में सक्षम है।

इस ऑपरेशन से यह संदेश भी जाता है कि भारतीय सुरक्षा बल सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी उपायों में लगातार सक्रिय और तत्पर हैं, और किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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