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राजौरी में नियंत्रण रेखा पर फिर पाकिस्तानी ड्रोन का साया, सुरक्षा बलों ने की जवाबी कार्रवाई

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधि फिर से सामने आई है, जिससे सीमा सुरक्षा पर गंभीर तनाव बढ़ गया है। स्थानीय सुरक्षा सूत्रों और अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से कम से कम पाँच ड्रोन भारतीय सीमा के पास केरी सेक्टर में दृश्य किए गए, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई और काउंटर अटैक शुरू कर दिया। इस घटना ने पिछले 48 घंटों में इसी तरह की दूसरी बड़ी ड्रोन गतिविधि को रेखांकित किया है, जिससे सीमा पर तैनात जवानों को सतर्क रहने का निर्देश जारी किया गया है।

घटना के समय सुरक्षाबलों ने सीमा निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध हवाई गतिविधि पर कड़ी नजर रखी। सूत्रों के मुताबिक, ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर कुछ समय तक मंडराए और फिर वापस पाकिस्तानी क्षेत्र की ओर लौट गए, लेकिन उनके उद्देश्यों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों में चिंताएँ बढ़ गयी हैं। इसी के मद्देनजर भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने LoC पर एंटी-ड्रोन उपाय और जवाबी जवाब सक्रिय कर दिए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे या आंतरिक आपूर्ति को रोका जा सके।

यह गतिविधि ऐसे समय में सामने आई है जब सीमा के दोनों ओर तनाव संवेदनशील स्तर पर है। भारतीय सेना प्रमुख ने भी पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा के भीतर ड्रोन घुसपैठ जैसी गतिविधियाँ बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं, और ऐसे प्रयासों को रोका जाना चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान को इस मुद्दे पर कड़े शब्दों में आपत्ति जताई है।

सुरक्षा बलों का कहना है कि ऐसी ड्रोन गतिविधियाँ न सिर्फ सीमाई निगरानी का उल्लंघन हैं, बल्कि उनकी संभावित भूमिका हथियारों, गोला-बारूद या अन्य संवेदनशील सामग्री की तस्करी से भी जोड़ी जा सकती हैं। कुछ पिछले मामलों में भी सुरक्षा बलों ने सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन के माध्यम से गिराए गए हथियार या गोले बरामद किए हैं, जिससे इस तरह के खतरे की गंभीरता और बढ़ गयी है।

राजौरी के अलावा सांबा और पुंछ जैसे अन्य जिलों में भी ऐसे संदिग्ध ड्रोन को देखा गया है, जिससे व्यापक सर्च ऑपरेशन और तलाशी अभियान चलाये जा रहे हैं। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में हाई-अलर्ट जारी कर रखा है और रातभर तलाशी तथा निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

विश्लेषकों का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पास इस तरह की ड्रोन गतिविधियाँ न सिर्फ सुरक्षा चुनौती प्रस्तुत करती हैं, बल्कि मौजूदा भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण वातावरण को भी और भड़काने का काम करती हैं। भारतीय सेना ने बार-बार कहा है कि वे अपनी सीमा की रक्षा के लिए चौकस हैं और किसी भी प्रकार की अनाधिकृत प्रवेश या खतरे का सामना करने के लिए हर संभव तैयारी कर रखी है।

बीते कुछ दिनों में उभरती इस ड्रोन गतिविधि ने यह भी संकेत दिया है कि सीमापार से लगातार निगरानी तथा संभावित घुसपैठ के प्रयास जारी हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और जटिल होती जा रही है। इन घटनाओं पर नजर रखते हुए, सुरक्षा बलों ने मान लिया है कि सीमा पर हाई-एलर्ट स्थिति को लंबे समय तक जारी रखना होगा ताकि किसी भी तरह के खतरनाक प्रयास को सफलता न मिल सके।

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