
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रदूषण के मोर्चे पर एक अहम राहत मिली है। वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को GRAP-3 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-चरण 3) के तहत लागू कड़े प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया। हालांकि, आयोग ने यह भी साफ किया कि GRAP-1 और GRAP-2 के प्रतिबंध फिलहाल लागू रहेंगे, यानी स्थिति सुधरी जरूर है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
क्या रहा वजह?
खबर के मुताबिक दिल्ली का AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) गुरुवार दोपहर 322 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसी गिरावट/सुधार (पहले की तुलना में) को आधार बनाकर CAQM ने GRAP-3 हटाने का निर्णय लिया।
यह फैसला उन हजारों लोगों और सेक्टरों के लिए राहत लेकर आया है जिनकी रोजमर्रा की गतिविधियां GRAP-3 के दौरान सीधे प्रभावित हो रही थीं—खासकर वाहन चालकों, निर्माण उद्योग, सड़क मरम्मत और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े कामगारों के लिए।
GRAP-3 हटने से क्या बदलेगा? (सबसे बड़ा असर)
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, GRAP-3 हटते ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर लगा प्रतिबंध हट गया है। यानी अब ये वाहन सामान्य रूप से सड़कों पर चल सकेंगे।
यह बदलाव खास तौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके पास पुरानी श्रेणी के वाहन हैं और जिन्हें पिछले दिनों आवागमन, नौकरी-धंधे, डिलीवरी और रोजमर्रा के कामों में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।



