
अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार शनिवार को महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में ले सकती हैं शपथ
मुंबई/बेंगलुरु: 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक विमान दुर्घटना में असामयिक निधन के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा व गतिशील बदलाव देखने को मिल रहा है। उनके आकस्मिक निधन से उपमुख्यमंत्री का पद रिक्त हो गया है, और अब उनकी पत्नी तथा राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को इसी पद के लिए आगे बढ़ते हुए देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सुनेत्रा पवार शनिवार, 31 जनवरी 2026 को उपमुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण कर सकती हैं, जिसके लिए पार्टी और सरकार की अंतिम तैयारियाँ जारी हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेताओं ने मिलकर सुनेत्रा पवार के नेतृत्व को माना है और उन्हें उपमुख्यमंत्री के रूप में घोषित करने के लिए शनिवार को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार का विधायक दल का नेता चुना जाएगा और उसके बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ समन्वय करके शपथ समारोह की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों को निरंतरता मिलेगी, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत और नेतृत्व भी बनाए रखा जा सकेगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों की नजर में यह कदम महाराष्ट्र में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण संकेत भी हो सकता है। अगर सुनेत्रा पवार वास्तव में उपमुख्यमंत्री बनती हैं, तो वह इस पद पर आसीन होने वाली दुर्लभ महिलाओं में शामिल होंगी, जो राज्य की राजनीति में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। इसके अलावा पार्टी के भीतर इस निर्णय को स्थिरता और विश्वास बहाल करने वाला प्रयास भी माना जा रहा है।
NCP के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने सूचित किया है कि पार्टी में इस निर्णय को लेकर कोई गंभीर मतभेद नहीं है और मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी सुनेत्रा पवार के नाम पर कोई आपत्ति नहीं जताई है, बशर्ते पार्टी विधायकों की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता नामित कर लिया जाए। इससे संकेत मिलता है कि राज्य की शासन संचालन संरचना में जल्द से जल्द रिक्त पद को भरा जाएगा।
अजित पवार की मौत के बाद पार्टी में हुई बैठकों और चर्चाओं के दौरान यह भी माना जा रहा है कि सुनेत्रा पवार की नियुक्ति राजनीतिक संतुलन बनाये रखने और पार्टी को एकजुट रखने के लिए निर्णायक कदम होगा। NCP के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने यह भी कहा है कि इस कदम से न केवल पार्टी की कार्यशैली सुचारु रूप से जारी रहेगी, बल्कि राज्य की राजनीति में भी एक सहज संक्रमण सुनिश्चित होगा।
हालाँकि, सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और विधानमंडल की सदस्य नहीं हैं, इसलिए उपमुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के बाद उन्हें जल्द ही विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बनना होगा, जो आने वाले समय की प्रमुख राजनीति प्रक्रिया होगी।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद पर आना न केवल राजनीतिक उत्तराधिकार और पारिवारिक नेतृत्व का प्रतीक होगा, बल्कि राज्य सरकार में नए नेतृत्व और महिलाओं के सशक्तिकरण का भी एक बड़ा राजनीतिक संदेश देगा। यह बदलाव राज्य की राजनीति में आगामी महीनों में और भी चर्चाओं तथा रणनीतियों को जन्म दे सकता है, विशेषकर चुनावी और गठबंधन-सम्बंधी परिदृश्यों को देखते हुए।



