
फारस की खाड़ी में ईरानी नौसेना ने दो विदेशी तेल टैंकर जब्त किए
फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉरपोरेशन (IRGC) नौसेना ने ईंधन तस्करी के आरोप में दो विदेशी तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है और 15 विदेशी क्रू सदस्यों को न्यायिक हिरासत में सौंप दिया है। ईरानी सरकारी टेलीविजन और सरकारी स्रोतों ने यह जानकारी गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को जारी की, जिसमें बताया गया कि ये दोनों जहाज़ फारसी द्वीप (Farsi Island) के पास पकड़े गए थे और इनमें लगभग 10 लाख लीटर (करीब 1 मिलियन लीटर) तस्करी की गई ईंधन सामग्री पायी गई।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड अधिकारियों का कहना है कि इन टैंकरों का उपयोग कई महीनों से “व्यवस्थित ईंधन तस्करी नेटवर्क” के हिस्से के रूप में किया जा रहा था और उन्हें नज़दीकी निगरानी, ट्रैकिंग और खुफिया जानकारी के आधार पर ट्रैफिक के दौरान पकड़ा गया। हिरासत में लिए गए 15 क्रू सदस्यों को न्यायिक निकायों के अधिकार में सौंप दिया गया है और आगे की जांच तथा कानूनी कार्रवाई जारी है। हालांकि अधिकारियों ने इन जहाज़ों की नागरिकता या झंडा (flag) के बारे में कोई विवरण नहीं बताया।
ईंधन तस्करी को लेकर ईरान की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पर्सियन खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ जैसे समुद्री मार्ग ऊर्ज़ा संसाधनों और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इसी पर रहती हैं। ईरान का कहना है कि घरेलू ईंधन की सस्ते दरों के कारण तस्करी बढ़ती रहती है और इस तरह के नेटवर्कों को रोकना आवश्यक है।
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने ऐसे आरोपों के तहत विदेशी जहाज़ों को पकड़ा है। पिछले साल दिसंबर में एक अन्य विदेशी तस्करी जहाज़ को भी इसी क्षेत्र में जब्त किया गया था, जिसमें चार मिलियन लीटर तस्कर ईंधन पाया गया था और 16 क्रू सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले, एक अन्य विदेशी टैंकर जिसमें छह मिलियन लीटर कथित रूप से तस्करी की गई ईंधन थी, उसे ओमान सागर में जब्त किया गया था और 18 सदस्यों को हिरासत में लिया गया था।
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य समुद्री तस्करी को रोकना और राष्ट्रीय ऊर्जा संसाधनों की रक्षा करना है, जबकि आलोचक कहते हैं कि यह क्षेत्रीय तनाव की एक और कड़ी है। पर्सियन खाड़ी में ईंधन पहुंचाने वाले प्रमुख समुद्री रास्तों पर इस तरह की जब्ती वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर संकेत देती हैं।



