
डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर कितना शुल्क लगेगा?
Donald Trump के व्यापार नीति फैसले और US Supreme Court के हालिया आदेश ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाला है। अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया, जिसके बाद ट्रंप ने नया तरीका अपनाया और 10 % का ग्लोबल टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का आदेश जारी किया है।
पहले ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 % तक उच्च शुल्क लगाया था, जिसे बाद में व्यापार समझौते के हिस्से के रूप में 18 % तक घटाया गया था, लेकिन अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने इस ढांचे को अवैध माना। कोर्ट के आदेश के बाद ट्रंप ने धारा 122 के तहत एक 10 % अस्थायी वैश्विक टैरिफ लागू किया है, जो लगभग 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इस नए टैरिफ के तहत भारत समेत सभी देशों पर 18 % के बजाय 10 % शुल्क लागू होगा।
हालांकि व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि स्टील और एल्युमीनियम पर 50 % और कुछ ऑटो पार्ट्स पर 25 % टैरिफ अभी भी लागू रहे, लेकिन अब अन्य वस्तुओं पर 10 % का ही टैरिफ मान्य रहेगा जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं होता। भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड समझौता अभी भी जारी माना जाता है और ट्रंप ने कहा कि इससे भारत-अमेरिका व्यापार डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इन परिवर्तनों के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि भारत के लिए अंततः कुल शुल्क कितनी दर पर स्थिर होगा — कुछ विशेषज्ञ 3.5 % + 10 % के योग यानी 13.5 % तक का प्रभावी शुल्क संभावित बता रहे हैं, लेकिन इस पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। भारत सरकार ने फैसले का अध्ययन करना शुरू कर दिया है और आगे की प्रतिक्रिया की संभावना है।



