
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कुवैती अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को भारी नुकसान पहुंचा है, कई लोग घायल हुए हैं और एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। हमले के बाद कुछ समय के लिए हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं और कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने कुवैत समेत कुछ अन्य खाड़ी देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन की एक श्रृंखला दागी। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल पर हुए हमले से इमारत को गंभीर क्षति पहुंची। सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया, हालांकि बाद में सुरक्षा समीक्षा के बाद सीमित सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गईं।
इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
घटना के बाद भारत की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने कुवैत के लिए अपनी उड़ानों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यात्रियों को यात्रा से पहले उड़ानों की स्थिति जांचने की सलाह दी है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर हवाई यातायात और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर भी पड़ने लगा है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, जबकि जवाबी कार्रवाई में ईरान से जुड़े कुछ सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। कुवैत और बहरीन जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों पर हमलों को क्षेत्रीय संघर्ष के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल कुवैत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता और नागरिक सुरक्षा पर सीधा हमला बताया है।



