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ईरान-अमेरिका समझौते के बीच LPG सिलेंडर पर राहत की उम्मीद

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ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। पिछले कुछ महीनों से पश्चिम एशिया में तनाव और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ था। अब अमेरिका-ईरान समझौते और समुद्री मार्ग खुलने की संभावना से कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई है, जिससे आने वाले समय में गैस और ईंधन बाजार को राहत मिल सकती है।

भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इस आयात का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। सरकार पहले ही बता चुकी है कि भारत के LPG आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह का व्यवधान सीधे तौर पर गैस की उपलब्धता और कीमतों को प्रभावित करता है।

हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की गई थी। जून 2026 में सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू सिलेंडर के दाम करीब 29 रुपये बढ़ाए थे। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत लगभग 942 रुपये पहुंच गई। तेल कंपनियों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की लागत अभी भी घरेलू बिक्री मूल्य से काफी अधिक है और कंपनियां प्रति सिलेंडर भारी अंडर-रिकवरी वहन कर रही हैं।

कमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतें घरेलू सिलेंडरों की तुलना में काफी अधिक बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया संकट के दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडरों में कई बार बढ़ोतरी की गई थी, जिसका असर छोटे व्यवसायों की लागत पर भी पड़ा। हालांकि अब ऊर्जा बाजार में नरमी आने से कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में कुछ राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने में समय लगता है। तेल और गैस कंपनियां आयात लागत, शिपिंग खर्च, मुद्रा विनिमय दर और पुराने स्टॉक की लागत को ध्यान में रखकर मूल्य निर्धारण करती हैं। इसलिए होर्मुज के खुलने और कच्चे तेल के सस्ता होने का असर तुरंत LPG सिलेंडर की कीमतों में दिखाई नहीं देगा। यदि आने वाले हफ्तों में वैश्विक बाजार में स्थिरता बनी रहती है और आपूर्ति सामान्य होती है, तभी घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना बढ़ेगी।

फिलहाल देशभर के उपभोक्ता गैस सिलेंडर की मौजूदा दरों पर ही खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौता और होर्मुज जलडमरूमध्य का सामान्य संचालन वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सकारात्मक संकेत है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो आने वाले महीनों में LPG, पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है, जिससे आम लोगों के बजट को कुछ राहत मिल सकती है।

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