
अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग से जुड़े मामले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। अब जांच एजेंसियों का फोकस आरोपी अविनाश शुक्ला, उसकी गतिविधियों, संदिग्ध बैठकों और कथित रूप से इस्तेमाल की गई कार पर केंद्रित हो गया है। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में अदालत से पुलिस रिमांड मिलने के बाद पूछताछ का दायरा और व्यापक हो गया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में कई ऐसे दृश्य सामने आए हैं जिनमें आरोपी मंदिर परिसर के भीतर और बाहर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दिखाई दे रहे हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या चढ़ावे की रकम को व्यवस्थित तरीके से बाहर ले जाने के लिए किसी वाहन का इस्तेमाल किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, एक कार की आवाजाही जांच के दायरे में है, जिसके माध्यम से नकदी और अन्य कीमती सामान को ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब उस वाहन के रूट, पार्किंग लोकेशन और उससे जुड़े लोगों की जानकारी एकत्र कर रही है।
मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपियों के बीच कई गुप्त बैठकें हुई थीं, जिनमें कथित तौर पर धन के बंटवारे और उसे छिपाने की रणनीति पर चर्चा की गई थी। जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के जरिए इन बैठकों की समय-सीमा और उनमें शामिल व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। पुलिस का मानना है कि इन बैठकों से पूरे नेटवर्क और कथित साजिश के पीछे की कार्यप्रणाली का खुलासा हो सकता है।
अविनाश शुक्ला से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। जांच में पहले ही बड़ी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा और अन्य सामान बरामद किए जाने की बात सामने आ चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद रकम और कथित तौर पर गायब हुई धनराशि के बीच संबंधों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस पूरे प्रकरण में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
इस प्रकरण ने धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों, निगरानी व्यवस्था और चढ़ावे की गिनती से जुड़ी प्रक्रियाओं की भी समीक्षा कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पुलिस की पूछताछ, फॉरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन, श्रद्धालुओं और राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।



