
देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
गुजरात में सबसे अधिक चिंता दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों को लेकर जताई जा रही है। कई जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पानी भरने, यातायात बाधित होने और नदियों के उफान पर आने की खबरें सामने आई हैं। वलसाड जैसे जिलों में अत्यधिक वर्षा के कारण प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। कई इलाकों में राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल (NDRF और SDRF) की टीमें तैनात की गई हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार वर्षा के कारण कई छोटे-बड़े बांधों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन यदि वर्षा का सिलसिला लंबे समय तक जारी रहा तो खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं ने सड़क संपर्क प्रभावित किया है। संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तथा स्थानीय लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
लगातार हो रही बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि कुछ रेल मार्गों पर भी परिचालन बाधित होने की सूचना है। प्रशासनिक टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा अधिक है, वहां राहत शिविरों की तैयारी की गई है और आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय मानसून अपने सक्रिय चरण में है, इसलिए अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। यदि भारी बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे जनजीवन, खेती और परिवहन पर व्यापक असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।



