
मानसून की विदाई से पहले फिर बदलेगा मौसम
श में मानसून की विदाई का समय नजदीक आ रहा है, लेकिन जाने से पहले मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम बनने की संभावना है, जिसका असर देश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इस सिस्टम के सक्रिय होने पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों में बारिश का एक और दौर लौट सकता है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में पूरे उत्तर भारत में लगातार बारिश की स्थिति नहीं रहेगी और कई इलाकों में मौसम शुष्क भी रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 5 से 6 दिनों के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क और काफी हद तक साफ रहने की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा उत्तराखंड में 8 से 9 सितंबर और फिर 10 से 13 सितंबर के दौरान कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 7 से 13 सितंबर तक बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के कुछ जिलों में भी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जैसे इलाकों में विशेष रूप से बारिश को लेकर सतर्कता की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। वाराणसी, प्रतापगढ़, आजमगढ़ और गोरखपुर समेत कई इलाकों में मौसम सक्रिय रह सकता है। राज्य के कुछ हिस्सों में पहले से बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, ऐसे में नए दौर की बारिश से स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है।
बिहार और झारखंड के लिए भी आने वाले दिनों में मौसम महत्वपूर्ण रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में 8 से 11 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, जबकि बिहार में 7 से 9 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित नया सिस्टम अगर मजबूत होता है तो 12 सितंबर के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश फिर बढ़ सकती है।
दिल्ली-NCR की बात करें तो यहां लगातार भारी बारिश का अनुमान नहीं है। 8 सितंबर को आसमान सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रह सकता है और हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 9 और 10 सितंबर को मौसम आंशिक रूप से साफ रहने की संभावना है, जबकि 11 सितंबर से फिर हल्की बारिश लौट सकती है। यानी राजधानी में फिलहाल बहुत भारी बारिश के बजाय रुक-रुककर हल्की बारिश और उमस वाला मौसम देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि उत्तर-पश्चिम से आने वाली शुष्क हवाओं के कारण कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। आसमान साफ होने के साथ दिन का तापमान बढ़ सकता है और उमस के साथ गर्मी महसूस हो सकती है। सितंबर मानसून का अंतिम चरण होता है और इसी दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होती है।
सबसे अहम बात यह है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित नया सिस्टम 12 सितंबर के बाद मौसम में बड़ा बदलाव ला सकता है। इसके सक्रिय होने पर पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, सिस्टम की ताकत और उसकी दिशा के आधार पर बारिश का असर अलग-अलग इलाकों में कम या ज्यादा हो सकता है।
इस तरह मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में मौसम का आखिरी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जहां कुछ राज्यों में बारिश से राहत और मौसम साफ होने की उम्मीद है, वहीं पूर्वी और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में एक बार फिर बादल बरस सकते हैं। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और भारी बारिश या आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।



