
BRICS Summit 2026: पुतिन-जिनपिंग की सुरक्षा में दिल्ली अभेद्य किले में तब्दील
नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई बड़े वैश्विक नेताओं के पहुंचने के मद्देनजर राजधानी को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया गया है। शिखर सम्मेलन का मुख्य आयोजन भारत मंडपम में होना है और नेताओं की आवाजाही वाले रास्तों से लेकर होटलों तक सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली में करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की लगभग 200 कंपनियां तैनात की गई हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों और प्रमुख मार्गों पर 500 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। VVIP मूवमेंट पर नजर रखने के लिए आधुनिक निगरानी तकनीक और चेहरे की पहचान जैसी प्रणालियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान की जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ भारत मंडपम तक सीमित नहीं है। जिन होटलों में विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और उनके प्रतिनिधिमंडल ठहरेंगे, वहां भी अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के K9 दस्ते के 100 से ज्यादा प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स को भारत मंडपम और प्रमुख होटलों में एंटी-सैबोटाज जांच के लिए लगाया गया है। इससे साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां जमीन से लेकर इमारतों और संभावित संदिग्ध वस्तुओं तक हर स्तर पर निगरानी कर रही हैं।
हवाई सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार VVIP मूवमेंट के दौरान दिल्ली के बड़े हिस्से में हवाई गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और कुछ हेलिपैड के संचालन को सीमित किया गया है। साथ ही ड्रोन से होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है।
BRICS Summit के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था भी सुरक्षा योजना का अहम हिस्सा है। 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण और 22 रूटों पर डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर थोड़े समय के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता है, हालांकि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को चालू रखने की कोशिश की गई है। दिल्ली मेट्रो को खास तौर पर यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प बताया गया है।
BRICS Summit में पुतिन, जिनपिंग और अन्य शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक नहीं चाहतीं। भारत मंडपम, होटल, एयरपोर्ट रूट और VVIP मूवमेंट वाले इलाकों में लगातार निगरानी के साथ दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा सख्त रहने वाली है।



