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होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का बड़ा दावा

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में तेल जहाजों के खिलाफ कार्रवाई का दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के मुताबिक, उसके बलों ने कथित तौर पर अवैध तेल हस्तांतरण और प्रतिबंधित समुद्री मार्गों के इस्तेमाल में शामिल जहाजों को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

ईरानी पक्ष के दावों के अनुसार, फारस की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में चार जहाजों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि ये जहाज समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज तक तेल पहुंचाने की गतिविधियों में शामिल थे। ईरानी नौसेना ने कहा कि उसकी निगरानी में आने के बाद इन जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उनमें आग लग गई। हालांकि, इन दावों के सभी विवरणों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में भी जहाजों पर हमलों का दावा

ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भी जहाजों से जुड़ी घटनाओं की जानकारी दी गई है। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि कुछ तेल टैंकर ऐसे समुद्री रास्तों से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें तेहरान ने अनधिकृत घोषित किया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से कुछ जहाजों में आग लग गई और उनका संचालन प्रभावित हुआ।

हालांकि, इन घटनाओं के संबंध में जहाजों की पहचान, नुकसान की पूरी स्थिति और प्रत्येक घटना के सटीक कारणों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सीमित है। इसलिए ईरान की ओर से लगाए गए आरोपों को आधिकारिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच कार्रवाई

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों की खबरें अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सामने आई हैं। ईरान ने समुद्री आवाजाही पर नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जबकि अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर दबाव बढ़ाने और समुद्री परिवहन की सुरक्षा से जुड़े कदम उठाए जाने की खबरें हैं।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि यदि उसके अनुसार प्रतिबंधित समुद्री मार्गों के इस्तेमाल की गतिविधियां जारी रहती हैं, तो क्षेत्र में टकराव और बढ़ सकता है। इससे फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री इलाकों में काम करने वाली शिपिंग कंपनियों के सामने सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं।

दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। सामान्य परिस्थितियों में वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है।

इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल की आपूर्ति, समुद्री माल ढुलाई और बीमा लागत प्रभावित हो सकती है। यदि तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ सकती है और तेल की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

अक्टूबर में बढ़े समुद्री जहाजों पर हमले

रॉयटर्स की 23 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन स्थित वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 28 पुष्ट और रिपोर्ट किए गए हमले दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ऐसे हमलों की संख्या 113 तक पहुंच गई थी।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के आंकड़ों में भी क्षेत्र में जहाजों से जुड़ी घटनाओं की बड़ी संख्या दर्ज की गई है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण समुद्री परिवहन कंपनियों और ऊर्जा बाजारों की चिंताएं बढ़ी हैं। हालांकि, सभी घटनाओं के बारे में उपलब्ध जानकारी एक जैसी नहीं है और कुछ मामलों में स्वतंत्र पुष्टि अभी भी सीमित है।

फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा और समुद्री आवाजाही को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आने वाले दिनों में ईरान और अमेरिका के कदमों के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर भी नजर रहेगी।

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