
यूपी में 4 लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सुविधाओं, निवेश और तकनीक से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा तथा लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित करने जैसे फैसले किए। इसके अलावा साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर, रोबोटिक्स पार्क और सरकारी कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए।
कैबिनेट ने प्रदेश में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में सड़क संपर्क बेहतर करना और विभिन्न एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इससे भविष्य में यात्रियों और माल परिवहन को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी इस सुविधा के दायरे में लाने का रास्ता साफ हुआ है। इससे पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। योजना के विस्तृत क्रियान्वयन और पात्रता संबंधी नियमों के अनुसार लाभ दिया जाएगा।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ और हरदोई क्षेत्र में करीब 1,000 एकड़ जमीन पर पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जाएगा। कैबिनेट ने इस परियोजना के मास्टर डेवलपर के चयन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस पार्क का उद्देश्य कपड़ा उद्योग से जुड़े निवेश को आकर्षित करना और उत्पादन, प्रसंस्करण तथा अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए औद्योगिक ढांचा तैयार करना है। परियोजना के विकसित होने से रोजगार के अवसर पैदा होने और प्रदेश के वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
तकनीक और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में भी दो अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना और PRAGATI रोबोटिक्स पार्क विकसित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। साइबर सुरक्षा केंद्र का उद्देश्य डिजिटल प्रणालियों और साइबर खतरों से निपटने की क्षमता मजबूत करना है, जबकि रोबोटिक्स पार्क के जरिए रोबोटिक्स और संबंधित तकनीकी क्षेत्रों में नवाचार तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। इन परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति आगे जारी होने वाले क्रियान्वयन संबंधी विवरणों पर निर्भर करेगी।
शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े अन्य फैसलों में मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना शामिल है। इसके अलावा झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए भी मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पास किया गया। इन फैसलों का उद्देश्य संबंधित संस्थानों और भंडारण सुविधाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराना है।
न्यायिक ढांचे और शहरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने के प्रस्ताव को वित्तीय मंजूरी दी गई है। इसके अलावा प्रयागराज में ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। वर्किंग वुमन हॉस्टल का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है, जबकि ऑडिटोरियम के निर्माण से शहर में सार्वजनिक और संस्थागत कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लखनऊ और वाराणसी की सात परियोजनाओं से जुड़े व्यय प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को लागू करने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। इन फैसलों के जरिए शहरी बुनियादी सुविधाओं के विकास और अंतर्देशीय जल परिवहन के नियमन को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के फैसलों में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधा, औद्योगिक निवेश, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और शहरी विकास जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अब इन परियोजनाओं का लाभ जमीन पर उतारने के लिए संबंधित विभागों को आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया, विकासकर्ताओं के चयन और क्रियान्वयन की दिशा में काम करना होगा। परियोजनाओं की समयसीमा और वास्तविक प्रगति आने वाले चरणों में स्पष्ट होगी।



