
दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली कॉन्सर्ट में CJP को दिया करारा जवाब,
पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली में अपने कॉन्सर्ट के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर चल रहे विवाद पर खुलकर जवाब दिया। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित अपने ऑरा इंडिया टूर के पहले शो में दिलजीत ने बिना नाम लिए आलोचकों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मैं आप सभी से प्यार करता हूं, क्योंकि मैं एक कलाकार हूं। मैं चुप हूं तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को मत सिखाओ कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है।” उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
दिलजीत ने अपने संबोधन में अपनी फिल्म ‘सतलुज’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस फिल्म का मंच पर मजाक उड़ाया जा रहा है, वह मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है और इसे बनाने के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया है। दिलजीत की इस टिप्पणी को CJP के उन बयानों का जवाब माना जा रहा है, जिनमें पार्टी के नेताओं ने उनकी फिल्म और छात्र आंदोलन को लेकर उनके रुख पर सवाल उठाए थे।
दरअसल, दिलजीत और अभिजीत दीपके के बीच विवाद की शुरुआत इसी साल जून में हुई थी। उस समय दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन हो रहे थे। एक सोशल मीडिया लाइव के दौरान जब दिलजीत से इन प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें ऐसे प्रदर्शनों से दूर रखा जाए, क्योंकि वह एक कलाकार हैं, राजनेता नहीं। इस बयान के बाद कुछ लोगों ने उनकी आलोचना की थी।
अभिजीत दीपके ने भी दिलजीत के बयान पर नाराजगी जताई थी। CJP के एक प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मंच से तंज कसते हुए कहा था कि कलाकारों को मुद्दों पर आवाज उठानी चाहिए और विरोध प्रदर्शनों में शामिल होना चाहिए। उन्होंने दिलजीत की फिल्म ‘सतलुज’ का जिक्र करते हुए कहा था कि कलाकारों को अपने काम और फिल्मों के समर्थन में भी सामने आना पड़ता है, वरना उनकी फिल्में प्रतिबंधित हो सकती हैं। इसी टिप्पणी को लेकर दिलजीत ने दिल्ली के कॉन्सर्ट में अपनी नाराजगी जाहिर की।
दिलजीत के जवाब के बाद अभिजीत दीपके ने भी अपना रुख नरम किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक खुला पत्र साझा करते हुए कहा कि वह लंबे समय से दिलजीत के प्रशंसक रहे हैं और उनके प्रति सम्मान आज भी कायम है। दीपके ने लिखा कि जून में विरोध प्रदर्शन के दौरान दिलजीत की टिप्पणी से उन्हें दुख हुआ था, क्योंकि वह उन्हें ऐसे कलाकार के रूप में देखते हैं जो सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक असहमति या गलतफहमी से उनका सम्मान खत्म नहीं होता।
दीपके ने अपने संदेश में दिलजीत को बड़ा भाई बताते हुए विवाद को पीछे छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह दिलजीत के संगीत और उनके काम की सराहना करते हैं। इस तरह कॉन्सर्ट में दिलजीत की टिप्पणी के बाद दीपके की ओर से आया यह संदेश दोनों के बीच जारी सार्वजनिक विवाद को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके काम पर आधारित है। खालरा ने पंजाब में 1980 और 1990 के दशक के दौरान कथित गैरकानूनी हत्याओं और अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों को उजागर किया था। फिल्म पहले ‘पंजाब 95’ नाम से बनाई गई थी और सेंसर संबंधी विवादों के कारण लंबे समय तक इसकी रिलीज अटकी रही। बाद में यह जुलाई 2026 में एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसे हटा लिया गया।
दिलजीत ने अपने कॉन्सर्ट के दौरान यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनका कलाकार होना सामाजिक मुद्दों के प्रति असंवेदनशील होने का संकेत नहीं है। उन्होंने अपने प्रशंसकों के प्रति प्यार जताते हुए कहा कि वह सभी का सम्मान करते हैं, भले ही कुछ लोग उनसे असहमत हों। उनके बयान के बाद यह बहस फिर सामने आ गई है कि कलाकारों से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से राय रखने की कितनी अपेक्षा की जानी चाहिए।
दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम दिलजीत के ऑरा इंडिया टूर 2026 का पहला शो था। संगीत और शानदार मंचीय प्रस्तुति के बीच फिल्म ‘सतलुज’ और CJP से जुड़ा विवाद भी चर्चा का बड़ा विषय बन गया। अब अभिजीत दीपके की नरम प्रतिक्रिया के बाद दोनों के बीच विवाद खत्म होने के संकेत जरूर मिले हैं, हालांकि इस मामले पर आगे दोनों की ओर से कोई औपचारिक संयुक्त बयान सामने नहीं आया है।



