Advertisement
क्रिकेटलाइव अपडेट
Trending

शोएब अख्तर का 161.3 kmph का वर्ल्ड रिकॉर्ड कौन तोड़ेगा?

Advertisement
Advertisement

क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड आज भी पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के नाम दर्ज है। उन्होंने साल 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप मुकाबले में 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। दो दशक से ज्यादा समय बीतने के बावजूद कोई गेंदबाज इस आंकड़े को पार नहीं कर पाया है। अब खुद शोएब अख्तर ने बताया है कि आधुनिक क्रिकेट में कौन सा गेंदबाज उनका यह रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता रख सकता है। उन्होंने भारत के युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव का नाम लिया है।

नेपाल के हिमालया टीवी को दिए इंटरव्यू में अख्तर से पूछा गया कि क्या मौजूदा दौर का कोई गेंदबाज 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की बाधा पार करना बेहद मुश्किल काम है। उनके मुताबिक, असली तेज गेंदबाजी करना क्रिकेट की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है।

अख्तर ने मयंक यादव की रफ्तार की तारीफ करते हुए बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि यह भारतीय गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लगातार 10 से 15 साल तक 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। 161 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचना इससे भी ज्यादा मुश्किल है।

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर कोई उनका रिकॉर्ड तोड़ता है, लेकिन फिलहाल उन्हें यह लक्ष्य लगभग असंभव नजर आता है। उनके बयान से साफ है कि वह मयंक यादव को भविष्य के तेज गेंदबाजों में एक संभावित दावेदार मानते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सिर्फ तेज गति नहीं, बल्कि लंबे समय तक फिटनेस और निरंतरता बनाए रखना जरूरी है।

मयंक यादव ने आईपीएल 2024 में अपनी रफ्तार से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा था। उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए 156.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। उनकी तेज गेंदबाजी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा तेज गेंदबाजों में शामिल कर दिया। हालांकि, चोटों और फिटनेस से जुड़ी चुनौतियों के कारण उनका करियर अब तक लगातार आगे नहीं बढ़ पाया है।

अख्तर का रिकॉर्ड तोड़ने की दौड़ में ऑस्ट्रेलिया के शॉन टेट और ब्रेट ली जैसे तेज गेंदबाज भी रहे हैं। शॉन टेट ने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ 161.1 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। वहीं, ब्रेट ली की सबसे तेज गेंद की रफ्तार भी 161 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक दर्ज की गई थी। ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क ने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 160.4 किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल की थी।

शोएब अख्तर ने 22 फरवरी 2003 को दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप मैच के दौरान 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की गेंद फेंकी थी। इस उपलब्धि को क्रिकेट के सबसे चर्चित गति रिकॉर्ड में गिना जाता है। हालांकि, गेंदों की रफ्तार मापने वाली तकनीक और अलग-अलग स्पीड गन की सटीकता को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं।

अब मयंक यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी फिटनेस बनाए रखते हुए लगातार तेज गेंदबाजी करना है। आईपीएल में उनकी 156.7 किलोमीटर प्रति घंटे की गेंद ने यह जरूर दिखाया कि उनमें असाधारण गति हासिल करने की क्षमता है। लेकिन अख्तर का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ रफ्तार से भी आगे जाना होगा। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि मयंक आने वाले वर्षों में कितनी निरंतरता के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना पाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share