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मिर्जापुर में कई क्षेत्रों से संपर्क टूटा, 406 गांव बाढ़ से प्रभावित

मिर्जापुर जिले में सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते बुधवार को बाढ़ क्षेत्रों की मुश्किलें और बढ़ गईं। मंगलवार को गंगा का जलस्तर जहां खतरा निशान 77.724 मीटर से ऊपर 78.250 मीटर पहुंच गया। रहा। गंगा एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। जिले में बाढ़ की स्थिति और विकराल हो गई है। विंध्याचल-मिर्जापुर मार्ग, कंतित गोसांईपुरवा, मिर्जापुर-कछवां मार्ग सहित कई सड़कों पर पानी आने से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। सदर तहसली के 220, चुनार तहसील के 184 गांव बाढ़ प्रभावित हैं.

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सोनभद्र में बांधों का बढ़ रहा जलस्तर, लगातार निकाला जा रहा पानी

सोनभद्र जिले में महज 24 घंटे के भीतर रिहंद बांध के जलस्तर में ढाई फीट से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है। इसी तरह ओबरा बांध के अधिकतम जलस्तर 193.24 मीटर के मुकाबले 192.80 मीटर बना हुआ है। नगवा बांध का जलस्तर अधिकतम जल संग्रहण क्षमता 354.60 मीटर के मुकाबले 354.01 मीटर पहुंच गया है। बांध में लगातार पानी आने का क्रम जारी है। धंधरौल बांध का अधिकतम जलस्तर 317.90 मीटर निर्धारित है। बुधवार की सुबह इस बांध का जलस्तर 316.44 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए जहां इससे निकली नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जा रहा है।

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सोनभद्र जिले में किसान की आय होगी दुगनी ,उत्‍पादक संगठन(FPO) बनाने का काम तेजी से चल रहा हैं।

सोनभद्र जिले के मयूरपुर,रेणुका,बभनी और दूदधी ब्लॉक में आजकल नाफेड, गवर्नमेंट आधीन और इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रीबिजनेस प्रोफेशनल(ISAP) दिल्ली की प्राइवेट संस्था किसान उत्‍पादक संगठन (FPO-Farmer Producer Organization) का सर्वे कर रहें हैं,  जिससे इन क्षेत्रों में किसानों के आमदनी और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा । इस प्रोजेक्ट के कोऑर्डनेट मिस्टर ओमप्रकाश जी कर रहे हैं और ब्लॉक ,गाँव में किसानों से कड़ी धूप में घूम-घूमकर मीटिंग और सर्वे का काम मिस्टर दिलीप पाठक-फैजाबाद और ब्रिजकिशोर तिवारी-बहराइच से आए अनुभवी रिसर्चर कर रहें हैं।

एफपीओ यानी किसानी उत्पादक संगठन (कृषक उत्पादक कंपनी) किसानों का एक समूह होगा, जो कृषि उत्पादन कार्य में लगा हो और कृषि से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियां चलाएगा।

आपको बता दे मोदी सरकार किसान और कृषि को आगे बढ़ाने के लिए अगले पांच साल के लिए 5000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। किसानों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें समृद्ध बनाने का प्लान केंद्र सरकार कर रही है। इसके लिए किसान उत्‍पादक संगठन (FPO-Farmer Producer Organization) बनाना होगा।

सरकार देश में 10,000 नए किसान उत्पादक संगठन बनाने की मंजूरी दे दी है।