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वसीम रिजवी ने अपनाया सनातन धर्म, रखा हिन्दू नाम

वसीम रिजवी ने अपनाया सनातन धर्म और रखा हिन्दू नाम ।  वसीम रिजवी ने गाजियाबाद में सनातन धर्म अपनाया। डासना मंदिर में किया पूजा पाठ। कर रहे हवन पूजन।

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आज गाजियाबाद में एक नवनिर्मित आधार सेवा केंद्र (एएसके) का उद्घाटन होगा

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, कौशल विकास तथा उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और नागरिक विमानन राज्य मंत्री, जनरल (डॉ.) वीके सिंह (सेवानिवृत्त) संयुक्त रूप से 21 नवंबर 2021 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक नवनिर्मित आधार सेवा केंद्र (एएसके) का उद्घाटन करेंगे।

यह एएसके यूआईडीएआई द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित किया गया है।यूआईडीएआई पूरे भारत में 122 शहरों में कुल 166 ऐसे केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है। गाजियाबाद का यह केंद्र आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और मेरठ के बाद उत्तर प्रदेश में 5 वां केंद्र होगा, और जल्द ही केंद्र सरकार गोंडा, वाराणसी, मुरादाबाद तथा सहारनपुर में ऐसे केंद्र शुरू करने वाली है।

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खुलेगा गाजीपुर बॉर्डर? SC की फटकार के बाद झोपड़ी हटाने लगे राकेश टिकैत

खुलेगा गाजीपुर बॉर्डर? SC की फटकार के बाद झोपड़ी हटाने लगे राकेश टिकैत सुप्रीम कोर्ट के सख्त रूख के बाद महीनों से दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर बैठे किसानों ने सर्विस रोड से बनाई अपनी झोपड़ी हटा दी है। कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस इसे हटाने पहुंची थी। इस बीच राकेश टिकैत ने कहा कि रास्ता हमने नहीं दिल्ली सरकार ने रोक रखा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा था कि किसानों को प्रदर्शन का अधिकार है लेकिन वे सड़क नहीं रोक सकते। मीडियाकर्मी ने किसान नेता राकेश टिकैत से पूछा क्‍या सबकुछ हटा देंगे? इस पर उन्‍होंने कहा कि हां सब हटा देंगे, इसके बाद दिल्ली जा रहे हैं और पार्लियामेंट पर बैठेंगे, जहां यह कानून बनाया गया है। हमें तो दिल्ली जाना है। इस वक्‍त मौके पर काफी संख्‍या में किसान मौजूद हैं और सर्विस रोड पर लगे टैंट और दूसरा सामान हटाना शुरू कर दिया है।

आपको बता दें कि गुरुवार को सड़कों पर विरोध कर रहे किसानों को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसके कौल ने कहा कि सड़कें क्लियर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बार-बार कानून तय करते नहीं रह सकते। आपको आंदोलन करने का अधिकार है, मगर सड़क अनिश्चितकाल के लिए ब्लॉक नहीं कर सकते। अब कुछ समाधान निकालना होगा। हमें सड़क जाम के मुद्दे से समस्या है। दरअसल, याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाली सड़कें किसान आंदोलन के चलते बंद हैं और इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सड़कों को खोला जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार से कहा था कि आखिर अब तक सड़कें बंद क्यों हैं। प्रदर्शन करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन सड़कें ब्लॉक नहीं होनी चाहिए।

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गाजियाबाद में पुलिस की गोली से 50 हजार का इनामी बदमाश घायल

लोनी के शकलपुरा गांव के पास नहर रोड पर पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़. पुलिस की गोली से 50 हजार का इनामी बदमाश सोनू घायल, DLF इलाके में बुजुर्ग की हत्या, और एक व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में फरार था बदमाश।

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साइबर क्राइम के शिकार लोगो की फोन सूची जारी, कर सकते है ग़ाज़ियाबाद पुलिस को शिकायत

अगर आप पॉलिसी मेच्योरिटी के नाम पर किसी कॉल सेंटर के द्वारा फोन पर ठगे गए हैं तो फिर यह आपके काम की खबर है क्योंकि गाजियाबाद पुलिस के साइबर सेल ने कुछ फोन नंबर की लिस्ट जारी की है जो हाल ही में फर्जी कॉल सेंटर के खुलासे के बाद जांच में सामने आई है। नोएडा के सेक्टर 20 थाना क्षेत्र में गाज़ियाबाद पुलिस और साइबर सेल की जॉइंट आपरेशन में रेड मारकर फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया था। जिसमे 16 पुरुष 14 महिलाएं शामिल थी। ये सभी टेलीकॉलर बनकर लोगो को फोन कर उन्हें ट्रैप किया करते थे। इस गैंग ने 10 हजार से ज्यादा लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। उनके कब्जे से 46000 लोगों के डाटा भी रिकवर किए गए हैं । साइबर सेल ने कुछ नंबरों की सूची जारी की है जांच में जो नंबर हैं जिन से ठगी की गई है। गाजियाबाद पुलिस ने अपील की है जारी नंबर जिन लोगों के है। वह गाजियाबाद पुलिस को शिकायत देकर एफआईआर करा सकते हैं। गाजियाबाद के एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने साफ किया था कि इन लोगों ने 10,000 से अधिक लोगों से 5 करोड़ से अधिक की ठगी की है जिसकी जानकारी बताई जा रही है अभी फोन नंबर जारी किए गए हैं दरअसल यह फोन नंबर पीड़ितों के हैं जिन्होंने ठगी होने के बाद स्थानीय स्तर पर कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं कराया है। पुलिस ने साफ किया है कि जो नंबर जारी किए गए हैं, वो ठगी के शिकार लोग पुलिस और साइबर सेल से संपर्क कर ठगी के मामले में FIR भी दर्ज करा सकते हैं।