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पॉलिटिकल लाइव अपडेट

लखनऊ : मायावती ने कहा, समुदाय विशेष को टारगेट करके बुलडोजर चलाना अन्याय पूर्ण, कोर्ट ले संज्ञान

बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट के जरिए कहा है यूपी सरकार एक समुदाय विशेष को टारगेट करके बुलडोजर विध्वंस व अन्य द्वेषपूर्ण आक्रामक कार्रवाई कर विरोध को कुचलने एवं भय आतंक का जो माहौल बना रही है यह अनुचित अन्याय पूर्ण है। घरों को ध्वस्त करके पूरे परिवार को टारगेट करने की दोषपूर्ण कार्रवाई का कोर्ट जरूर संज्ञान ले। जबकि समस्या की मूल जड़ नुपूर शर्मा व नवीन जिंदल है जिनके कारण देश का मान सम्मान प्रभावित हुआ और हिंसा भड़की।

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आजमगढ पॉलिटिकल लाइव अपडेट

आजमगढ़ लोकसभा सीट पर ‘निरहुआ’ होंगे भाजपा के उम्मीदवार, रामपुर सीट से घनश्याम लोधी मैदान में

भाजपा ने यूपी में लोकसभा की दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आजमगढ़ सीट पर भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव निरहुआ उम्मीदवार होंगे। वह 2019 के लोकसभा चुनाव में भी इसी सीट से लड़े थे पर अखिलेश यादव से हार गए थे। वह फिर से मैदान में हैं। भाजपा ने रामपुर लोकसभा सीट पर घनश्याम लोधी को उम्मीदवार बनाया है।

घनश्याम लोधी सपा के विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हुए थे।

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उत्तर प्रदेश पॉलिटिकल लाइव अपडेट

एग्जिट पोल के नतीजे 2022 के लाइव अपडेट्स:

यूपी में बीजेपी, पंजाब में आप, गोवा और मणिपुर में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी, पीआरएसडी न्यूज की एग्जिट पॉल्स की भविष्यवाणी।

एग्जिट पोल का मतदान: उत्तर प्रदेश में सातवें और अंतिम चरण का मतदान आज संपन्न हो गया और इसके साथ ही पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हो गए।

भाजपा के उत्तर प्रदेश में जीत की संभावना है और आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है, पांच राज्यों में मतदान समाप्त होने के बाद आज शुरुआती एग्जिट पोल ने संकेत दिया।

उत्तर प्रदेश में सातवें और अंतिम चरण का मतदान आज संपन्न हो गया और इसके साथ ही पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हो गए।

एग्जिट पोल के सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश में 230 सीटों के साथ भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की गई है, उसके बाद समाजवादी पार्टी 150 सीटों के साथ है।

EXIT POLLS SEATS-403
UTTAR PRADESH MAJORITY-202
SOURCE BJP+ CONG SP+ BSP
ETG Research 230-245 2-6 150-165 5-10
India News 222-260 1-3 135-165 4-9
News 18 Punjab – P-MARQ 240 4 140 17
NewsX-Polstrat 211-225 4-6 146-160 14-24
India Today-Axis My India 288-326 1-3 71-101 3-9
Today’s-Chanakya 252 3 140 10
ABP News-CVoter 230 5 150 15
News 24 222 2 160 16
India TV -Ground Zero Research 225 2 155 20
India TV-CNX 220 3 150 15
Zee News-DESIGNBOXED 210 4 160 25
Matrize 262-272 3-8 119-134 7-15
Republic-TV 240 5 140 18
Jan Ki Baat 222-260 1-3 135-165 4-9
Times Now-VETO 225 9 151 14
PRSD News Exit Polls 230 5 150 18

#PollOfExitPolls   #prsdnews   #UttarpradeshChunav2022

 

पंजाब में, चुनावों के सर्वेक्षण से पता चलता है कि आम आदमी पार्टी पंजाब को जीत रही है। यह AAP के लिए 73 सीटों की भविष्यवाणी करता है, उसके बाद कांग्रेस की 19 सीटें।

EXIT POLLS SEATS-117
PUNJAB MAJORITY-59
SOURCE BJP+ CONG AAP AKALI+
ABP News-CVoter 7-13 22-28 51-61 20-26
ETG Research 3-7 27-33 70-75 7-13
India News 6-8 23-26 39-43 22-25
India Today-Axis My India 1-4 19-31 76-90 7-11
News 24 1 10 100 6
Republic-TV 1-3 23-31 62-70 16-24
Times Now-VETO 5 22 70 19
NewsX-Polstrat 1-6 24-29 56-61 22-26
News 18 Punjab – P-MARQ 4 25 60 22
Today’s-Chanakya 1 10 100 6
Jan Ki Baat 3-7 18-31 60-84 12-19
PRSD News Exit Polls 6 19 73 19

#PollOfExitPolls   #prsdnews    #PunjabChunav2022

 

उत्तराखंड चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ 70 सीटों वाली विधानसभा में सत्ता के लिए तीन तरफा मुकाबला देखा गया। लेकिन बाजी बीजेपी के हाथ लग रही हैं ।

EXIT POLLS SEATS-70
UTTARAKHAND MAJORITY-36
SOURCE BJP+ CONG AAP Others+
ABP News-CVoter 26-32 32-38 0-2 0
ETG Research 37-40 29-32 0-1 0
India News 32-41 27-35 0-1 0
India Today-Axis My India 36-46 20-30 0 0
News 24 43 24 0 0
Republic-TV 40 25 2 0
Times Now-VETO 37 31 1 0
NewsX-Polstrat 31-33 33-35 0-3 0
News 18 Punjab – P-MARQ 35-39 28-34 0-3 0
India TV -Ground Zero Research 25-29 37-41 0 0
India TV-CNX 35-43 24-32 0 0
Zee News-DESIGNBOXED 26-30 35-40 1 0
Today’s-Chanakya 43 24 0 3
Jan Ki Baat 32-41 27-35 1 4
PRSD News Exit Polls 41 27 1 1

#PollOfExitPolls   #prsdnews    #UttarakhandChunav2022

 

गोवा विधानसभा चुनाव इस बार एक ही चरण में हुए थे और सभी 40 निर्वाचन क्षेत्रों में एक ही दिन मतदान हुआ था। गोवा में लगभग 80 प्रतिशत के औसत से बहुत अधिक मतदान हुआ। यंहा बीजेपी और कॉंग्रेस के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही हैं।

EXIT POLLS SEATS-40
GOA MAJORITY-21
SOURCE BJP+ CONG TMC+ Others+
ABP News-CVoter 13-17 12-16 4-9 0
ETG Research 17-20 15-17 3-4 0
India News 13-19 14-19 3-5 0
India Today-Axis My India 14-18 15-20 2-5 0
News 24 15 20 3 0
Republic-TV 16 18 5 0
Times Now-VETO 14 16 0 0
NewsX-Polstrat 17-19 11-13 0 0
News 18 Punjab – P-MARQ 13-17 13-17 0 0
India TV -Ground Zero Research 10-14 20-25 3-5 0
India TV-CNX 16-22 11-17 1-2 0
Zee News-DESIGNBOXED 13-18 14-19 2-5 0
Today’s-Chanakya 17 15 4 0
Jan Ki Baat 13-19 14-19 1-3 4-7
PRSD News Exit Polls 18 16 5 1

#PollOfExitPolls   #prsdnews    #GoaChunav2022

 

मणिपुर में दो चरणों में मतदान हुआ – 27 फरवरी और 3 मार्च को – क्योंकि 60 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए चुनाव हुए थे। मणिपुर में सत्तारूढ़ भाजपा अपने दम पर बहुमत के आकड़े को छू रहे हैं ।

EXIT POLLS SEATS-60
MANIPUR MAJORITY-31
SOURCE BJP+ CONG+ NPP NPF Others
ABP News-CVoter 23-27 12-16 10-14 3-7 0
ETG Research 25 15 12 4 0
India News 23-28 10-14 0 0 0
India Today-Axis My India 33-43 4-8 4-8 6-15 0
Today’s-Chanakya 32 4 4 10 0
Jan Ki Baat 23-28 10-14 7-8 5-8 8-9
News 24 30-40 4-10 4-10 10-15 2
Republic-TV 32 5 10 12 4
Times Now-VETO 35 8 8 15 1
NewsX-Polstrat 33 8 10 14 3
News 18 Punjab – P-MARQ 27-31 11-17 0 0 0
India TV -Ground Zero Research 26-31 12-17 0 0 0
India TV-CNX 28 15 2 2 0
Zee News-DESIGNBOXED 32-38 12-17 0 0 0
PRSD News Exit Polls 31 13 7 7 2

#PollOfExitPolls   #prsdnews    #ManipurChunav2022

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पॉलिटिकल

गोण्डा विधानसभा सीटः कभी रहा था कांग्रेस का बोलबाला, सपा और बीएसपी ने भी चखा जीत का स्वाद, अभी बीजेपी का कब्जा हैं , 2022 में किसको मिलेगी जीत

गोण्डा विधानसभा सीट पर आजादी के बाद से राम मंदिर आंदोलन के उफान पर पहुंचने तक कांग्रेस का बोलबाला रहा. हालांकि, साल 1957 के चुनाव में यहां से निर्दलीय उम्मीदवार को भी विजयश्री मिली थी.

उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से में राजधानी लखनऊ से 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है गोण्डा जिला. भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से महज 45 किलोमीटर दूर गोण्डा जिले में शहर की सीट है गोंडा सदर. यूपी विधानसभा में गोण्डा सदर सीट का नंबर है 297. गोण्डा शहर राजा देवी बख्श सिंह के नाम से जाना जाता है. कहा जाता है कि अयोध्या नरेश राजा दशरथ की गायों का विचरण क्षेत्र होने के कारण इसे गोनार्द कहा जाता था जो आगे चलकर गोण्डा हो गया. लखनऊ के करीब होने के कारण यहां की बोली, भाषा और रहन-सहन पर अवध का प्रभाव है.

गोण्डा में भाषा के लिहाज से देखें तो अवधी और खड़ी बोली का उपयोग किया जाता है. नगर क्षेत्र स्थित गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विशालतम आदमकद प्रतिमा स्थापित है. सागर तालाब, राधा कुण्ड, काली भवानी मंदिर तथा दुखहरण नाथ मंदिर आदि प्रमुख पौराणिक स्थल हैं. नगर में स्थापित इमामबाड़ा गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल है. इस इमामबाड़े के सामने आने पर ताजिया भी झुका दिया जाता है. अंग्रेजों के जमाने के दो चर्च भी हैं।

आजादी के बाद भी गोण्डा का अपेक्षित विकास नहीं हुआ और इसकी गिनती पिछड़े शहर के रूप में होती रही. यहां उच्च शिक्षा का सर्वथा अभाव रहा. उच्च शिक्षा के नाम पर लाल बहादुर शास्त्री परास्नातक महाविद्यालय एक मात्र अनुदानित महाविद्यालय है. हालांकि, पिछले दो दशक से यहां जनप्रतिनिधियों की पहल पर कई स्कूल कॉलेज खुले. सपा सरकार में घोषित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज पांच साल से निर्माणाधीन है. स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जिला अस्पताल परिसर में टाटा एवं बिल गेट्स मिराण्डा फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में 200 बिस्तर के कोविड अस्पताल का निर्माण भी हुआ।

गोण्डा सदर विधानसभा क्षेत्र में 130 ग्रामसभा और गोण्डा नगर पालिका क्षेत्र के 27 वार्ड सम्मिलित हैं जहां कि कुल आबादी करीब छह लाख है. साल 2017 के पहले स्वच्छता सर्वेक्षण में गोण्डा नगर पालिका को देश के सबसे गंदे शहर का खिताब मिला था. चुनाव आयोग के मुताबिक गोण्डा विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 लाख 97 हजार  561 वोटर हैं. इनमें 1 लाख 8 5 हजार 399 महिला मतदाता हैं.

कृषि पर है अधिक निर्भरता

गोण्डा देश के लगभग सभी बड़े शहरों से रेलमार्ग के जरिए जुड़ा हुआ है. गोण्डा सदर विधानसभा क्षेत्र की अधिकतर आबादी कृषि पर अधिक निर्भर है. रेल परिवहन की अच्छी सुविधा होने के बावजूद राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में यहां न तो उद्योग धंधे को बढ़ावा दिया जा सका और न ही लोगों के जीवन स्तर में ही सुधार की व्यवस्था हो पाई. मजबूर होकर हजारों युवाओं को आजीविका के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की ओर पलायन करना पड़ता है. कृषि यहां के निवासियों का मुख्य पेशा है लेकिन उनकी काश्तकारी बहुत छोटी है.

यहां के छोटे किसान भी नकदी फसल के लिए गन्ने  खेती करते हैं. गन्ने की उत्पादकता को देखते हुए विधानसभा क्षेत्र के कुंदुरुखी गांव में बजाज हिन्दुस्थान ग्रुप की ओर से चीनी मिल स्थापित की गई लेकिन गन्ना किसानों के मूल्य भुगतान को लेकर लगातार समस्या बनी रहती है. वैसे तो यह विधानसभा क्षेत्र ब्राम्हण बाहुल्य है. यहां की आबादी मिश्रित है. शहर के कई मोहल्ले के नाम आज भी यहां की राजशाही की तरफ इशारा करते हैं. जैसे राजा मोहल्ला, रानी बाजार, तोपखाना, ढलगरान आदि. कहा जाता है कि ढ़लगरान मोहल्ले में राज घराने की तरफ से सिक्कों की ढलाई होती थी।

गोंडा विधानसभा में यह क्षेत्र प्रमुख भूमिका अदा करते हैं

जानकी नगर, बरगॉन, पडरी शंकर, खोनरहसा, भादुवा तरहर, लक्ष्मनपुर, चंदवातपुर, सिसवारिया, कसतुवा, महादेवा, फिरोजपुर तरहर, केशवपुर पाहरवा, एमिलिया, पिपरा भितौरा, रानीपुरवा

 

कांग्रेस का रहा है बोलबाला

आजादी के बाद से राम मंदिर आंदोलन के उफान पर पहुंचने तक गोण्डा सदर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का बोलबाला रहा. हालांकि, साल 1957 के चुनाव में यहां से निर्दल उम्मीदवार को भी विजयश्री मिली थी. यहां के मतदाताओं की राजनैतिक चेतना जागृत रही है. गोण्डा के मतदाताओं ने लगभग हर पार्टी को सेवा करने का मौका दिया है. इसके चलते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रघुराज उपाध्याय (1980,1985 और 1989) ने जीत की हैट्रिक लगाई थी. यहां से कांग्रेस के टिकट पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ईश्वर शरण सिंह (1962 और 1967), जनसंघ के टिकट पर बाबू त्रिवेणी सहाय (1968, 1974), जनता पार्टी के टिकट पर फजलुल बारी उर्फ बन्ने भाई (1977), भाजपा के टिकट पर तुलसीदास राय चंदानी (1991 और 1993), सपा के टिकट पर विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह (1996, 2002 और 2012), बसपा के टिकट पर जलील अहमद खां (2007) निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे और साल 2017 में भाजपा से प्रतीक भूषण सिंह निर्वाचित हुए।

करीब चार लाख है मतदाता हैं

गोण्डा विधानसभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या करीब छह लाख की है जिसमें करीब चार लाख मतदाता हैं. पुरुष मतदाताओं की संख्या दो लाख 33 हजार है. अनुमान के अनुसार इसमें ब्राम्हण और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या एक-एक लाख के आसपास है. वैश्य/ बनिया करीब 30 हजार हैं , ठाकुरों मतदाता करीब 25 हजार हैं , अन्य पिछड़ा वर्ग के करीब 50 हजार, दलित मतदाता 55 हजार एवं अन्य बिरादरी के 25 हजार मतदाता हैं.

साल 2017 का जनादेश

साल 2017 के विधानसभा चुनाव में गोण्डा सदर सीट से कुल 14 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिनमें बीजेपी के टिकट पर प्रतीक भूषण शरण सिंह ने कुल 58254 वोट पाकर जीत हासिल की. बसपा के मोहम्मज जलील खान दूसरे स्थान पर रहे थे जिन्हें 46576 वोट मिले थे. सपा के सूरज सिंह को 41477 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे. दिलचस्प यह है कि बीजेपी से बगावत कर शिवसेना के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे महेश नारायण तिवारी को 35619 वोट मिले थे.

गोण्डा के नवाबगंज के विश्नोहरपुर में 9 मई 1988 को जन्में प्रतीक भूषण सिंह स्नातक हैं. ऑस्ट्रेलिया में भी पढ़े प्रतीक साल 2017 के पिछले विधानसभा चुनाव में चार करोड़ 48 हजार 8815 रुपये की परिसंपत्ति इनकी ओर से घोषित की गई थी. इनकी पत्नी पेशे से चिकित्सक हैं. कैसरगंज से बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के बड़े पुत्र प्रतीक भूषण को राजनीति विरासत में प्राप्त हुई. उनके पिता गोण्डा, बलरामपुर व कैसरगंज लोकसभा सीट से कुल मिलाकर छह बार सांसद रहे हैं. प्रतीक की मां केतकी सिंह भी गोण्डा संसदीय सीट से लोकसभा सदस्य और गोण्डा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं.

2021 पंचायत चुनावों में ज्यादा बीजेपी उम्मीदवारों ने बाजी मारी थी। इस वजह से यहाँ बीजेपी मजबूत मानी जा रही हैं।

पिछले कोरोना के दूसरी लहर में पूर्व समाजवादी पार्टी के प्रमुख कद्दावर और नेता पंडित सिंह का निधन होने के कारण यहाँ से सपा से उनके भतीजे सूरज सिंह का लड़ना तय माना जा रहा । अगर सूरज सिंह चुनाव लड़ते हैं तो उनको पंडित सिंह के सहानुभूति वोट मिल सकते हैं। 2022 चुनाव में गोंडा विधानसभा से उम्मीदवारी जबरदस्त देखने को मिल सकती हैं ।

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गोंडा पॉलिटिकल लाइव अपडेट

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर आयोजित हुयी साइकिल यात्रा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर गुरुवार को आयोजित साइकिल यात्रा को सफल बनाने के लिए पार्टीजनों ने पूरी ताकत झौंक दी है। बुधवार देर रात तक इंटरनेट मीडिया के जरिए वरिष्ठ नेता यात्रा में शामिल होने की अपील करते रहे। गौरा विधानसभा में अलग-अलग क्षेत्रों से आज साइकिल यात्रा निकलेगी।

पूर्व राज्य दर्जा प्राप्त मंत्री संजय विद्यार्थी ने बताया कि समाजवादी आंदोलन के प्रखर नेता जनेश्वर मिश्रा की जयंती पर गुरुवार की सुबह 10:30 बजे से गौरा विधानसभा के भोपतपुर बाजार से मदनापुर, मसकनवा बाजार, पटखौली होते हुए चाँदनी चौक तक साइकिल यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें एमएलसी शनि यादव शामिल होंगे।

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देश विदेश पॉलिटिकल लाइव अपडेट

दिल्ली कॉंग्रेस ने दिल्ली में वर्तमान केजरिवल सरकार के खिलाफ जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया

राजधानी में लगातार चल रही पेयजल औऱ गंदे पानी की समस्या, पेट्रोल डीजल और कुकिंग सिलिंडर के बढ़ते दाम तथा रोजमर्रा की वस्तुओं पर बढ़ती महँगाई औऱ कोरोना महामारी पर सरकार की विफलता के साथ साथ DTC बसों की खरीदारी  में हुये भ्रष्टाचार व दिल्ली सरकार की जन विरोधी नीतियों को लेकर आज दिनांक 29 जुलाई 2021 को दिल्ली कांग्रेस द्वारा विधानसभा का घेराव किया गया।

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देश विदेश पॉलिटिकल

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का दो दिवसीय गोवा दौरा, राजनीतिक अटकले तेज

पणजी: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर गोवा पहुंचे। इस दौरान वह पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भाजपा की गोवा इकाई के अध्यक्ष सदानंद तनावड़े, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और अन्य पार्टी पदाधिकारियों ने नड्डा का दाबोलिम हवाई अड्डा पहुंचने पर उनका स्वागत किया।

नड्डा इसके बाद पणजी स्थित भाजपा कार्यालय गए जहां पर उनके राज्य के मंत्रियों, पार्टी विधायकों और कोर समिति के अन्य सदस्यों के साथ बैठक किए जाने की उम्मीद है। उनका पार्टी की विभिन्न इकाइयों के अध्यक्षों से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम है। वह बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाने के लिए संगठन की समीक्षा बैठक करेंगे।

पार्टी की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया था कि नड्डा शनिवार दोपहर गोवा के डेबोलिन हवाई अड्डे पहुंचेंगे और बाद में पार्टी के सांसदों, विधायकों व अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे। इनके अलावा वह पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों से भी मुलाकात करेंगे।

पार्टी इकाई द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक नड्डा रविवार को उत्तरी गोवा स्थिति मनगुयेशी मंदिर के दर्शन करेंगे और कुंडई के तपोभूमि स्थित सदगुरु ब्रह्मेश्वरानंदचार्य स्वामी के साथ वृक्षारोपण के कार्यक्रम में शामिल होंगे। नड्डा पणजी स्थित डॉन बॉस्को हाई स्कूल में बने टीकाकरण केंद्र का दौरा करेंगे और दौरे के समापन पर संवाददाता सम्मेलन करेंगे।

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अयोध्या पॉलिटिकल

ब्राह्मणो से किनारा करने वाली बसपा पार्टी आजकल ब्राह्मणो के सहारे अपनी राजनीती चमकाने में लगी हैं, क्या आने वाले चुनावो में ब्राह्मण बसपा की नाइया पार करेंगे

आख़िरी दो नारे बीएसपी के किसी सम्मेलन में शायद पहली बार लगे हों लेकिन यही नारे अब बीएसपी की राजनीतिक दिशा तय कर रहे. हालांकि कुछ जातियों को लक्ष्य करके बनाए गए कुछ विवादास्पद नारे बीएसपी को आज भी परेशान करते हैं लेकिन बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने साफ़ कर दिया कि ‘वो नारे’ न तो बीएसपी की किसी सभा में कभी लगे हैं और न ही बीएसपी के किसी नेता ने कभी लगाए हैं।

बीएसपी की ओर से पहले इसे ‘ब्राह्मण सम्मेलन’ कहा जा रहा था लेकिन आयोजन से एक दिन पहले इसका नाम बदलकर ‘प्रबुद्ध वर्ग विचार संगोष्ठी’ कर दिया गया।

इस श्रृंखलाबद्ध संगोष्ठी की शुरुआत अयोध्या से ही क्यों हुई, इसका जवाब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतीश चंद्र मिश्र ने अपने भाषण में देने की कोशिश की लेकिन जब भाषण की समाप्ति ‘जयश्रीराम’ और ‘जय परशुराम’ के नारों के साथ हुई तो उत्तर काफ़ी कुछ स्पष्ट हो गया. और पूरी तरह तब स्पष्ट हो गया जब सतीश चंद्र मिश्र ने इस सम्मेलन के दूसरे चरण की शुरुआत मथुरा से, तीसरे की शुरुआत काशी (वाराणसी) से और चौथे चरण की शुरुआत चित्रकूट से करने की घोषणा की।

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कानपुर देहात पॉलिटिकल

समारोह पूर्वक नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुखों ने ली गोपनीयता की शपथ

कानपुर देहात । मंगलवार को जनपद में हालही में संपन्न हुए ब्लाक प्रमुख पद के निर्वाचन में कुल 10 सीटों में से आधा दर्जन सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कराई थी। वहीं शासन से प्राप्त निर्देशो व गाइडलाइन के अनुसार जनपद की मैथा सीट पर पूर्व मंत्री रहे रामस्वरूप सिंह गौर की नतबहू अनुपमा सिंह गौर पत्नी नीरज सिंह गौर ने मैथा विकास खंड सभागार में अपने समर्थकों के साथ गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। वहीं पर अकबरपुर ब्लॉक से भाजपा प्रत्याशी आशीष मिश्रा बबुआ अमरौधा ब्लाक से प्रमिला कटियार पत्नी विनोद कटियार भाजपा विधायक भोगनीपुर ब्लॉक डेरापुर से भाजपा प्रत्याशी रूबी दुबे संदलपुर से भाजपा प्रत्याशी राहुल तिवारी रसूलाबाद से भाजपा प्रत्याशी राधा दुबे ब्लॉक झींझक से रानी देवी ने गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। सरवनखेड़ा से निर्दलीय प्रत्याशी उर्वशी सिंह चंदेल पत्नी अतुल सिंह चंदेल राजपुर से निर्दलीय राकेश कटियार व मलासा से निर्दलीय स्वतंत्र पासवान ने विकास खंड सभागार में अपने समर्थकों के साथ गोपनीयता की शपथ ली गई। वही पर अकबरपुर ब्लॉक प्रमुख के शपथ ग्रहण समारोह में सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी पूर्व जिलाध्यक्ष मदन पांडये, रजोल शुक्ला, संरक्षक रवि शाशि नारायण द्विवेदी, सदस्य जिला पंचायत बारा कृष्णा गौतम वही पर सरवनखेड़ा ब्लाक प्रमुख पद के शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष अविनाश सिंह चौहान पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी, भोगनीपुर विधायक विनोद कटियार, सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रधान संगठन सुखबीर सिंह चंदेल, सोनू मिश्रा, रोहित कुशवाहा, नितिन गुप्ता, राजेश कश्यप, अंकित परिहार आदि लोग मौजूद रहे।

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उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा की सभी पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की गई

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा की सभी पदाधिकारियों सभी पदों की लिस्ट जारी की गई । सीएम योगी ने सभी को उज्ज्वल कार्यकाल के लिए अनन्त मंगलकामनाएं दी  हैं।

 

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यूपी में ब्राह्मणों को लुभाने की तैयारी में बसपा

यूपी चुनाव से पहले मायावती का ब्राह्मण प्रेम जाग गया है. उन्होंने कहा कि यूपी में ब्राह्मण समाज दुखी है. एससी,एसटी वर्ग हमेशा बीएसपी के साथ रहा. बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को लुभाने और सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने रविवार को कहा कि ब्राह्मण भाजपा को वोट नहीं देंगे और उनकी पार्टी अगले सप्ताह अयोध्या से समुदाय को ‘जागृत’ करने के लिए एक अभियान शुरू करेगी. मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, मायावती ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि ब्राह्मण समुदाय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से गुमराह नहीं होगा और आगामी चुनावों में उनकी पार्टी को वोट देगा.

दलित और पिछड़ा की राजनीति करने वाली मायावती ने 2022 विधानसभा चुनाव के लिए ब्राह्मण कार्ड चला है. ब्राह्मणों को इकट्ठा करने के लिए अपने पाले में करने के लिए BSP यूपी में जिला स्तर पर ब्राह्मण सम्मेलन करेगी और इसकी अगुवाई BSP महासचिव सतीश चंद्र मिश्र करेंगे.

2022 में सरकार बनाने के लिए BSP भी भगवान राम के शरण में पहुंच गई है. 23 जुलाई को BSP के महासचिव सतीश मिश्र अयोध्या से रामलला के दर्शन के बाद ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत करेंगे. अयोध्या में BSP की ये 29 जुलाई तक चलेगी.

मायावती ने कहा, ‘अयोध्या से एक बार फिर ब्राह्मण समुदाय को जगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा. ब्राह्मणों को आश्वासन दिया जाएगा कि बसपा शासन में उनके हित सुरक्षित रहेंगे.’

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भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता आपस मे भिड़े

भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी की मंडल समीक्षा बैठक में आपस में भिड़े कार्यकर्ताओ के बीच जमकर चले लात घूंसे। कानपुर से आए संभाग प्रभारी साहिल चौधरी ने कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ की बदतमीजी।

आज उरई के शांति नगर के एक स्कूल में मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान हुआ कार्यकर्ताओं के बीच जबरजस्त हंगामा। भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हुई हाथापाई में कुछ कार्यकर्ता भी हुए चोटिल। कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई एवं नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल। कार्यकर्ताओं के बीच लात घूंसे चलता देख राष्टीय कोर कमेटी के बड़े नेता दूसरे दरवाजे से मौका देखा हुए बाहर।

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उत्तर प्रदेश बीजेपी कार्यसमिति की बैठक, नड्डा भी वर्चुअली मीटिंग ; पंचायत चुनाव की जीत को विधानसभा में मेगा इवेंट बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी दौरे के साथ ही उत्तर प्रदेश में भाजपा इलेक्शन मोड में आ गई है। आज यानी शुक्रवार का दिन यूपी भाजपा के लिए रहा । लखनऊ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हुई , जिसमें अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव की रणनीति तय हुई । बैठक से वर्चुअली पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जुड़ें। जबकि प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में यह पूरी बैठक हुई । समापन सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया ।

कार्य समिति की बैठक से पहले गुरुवार की शाम पार्टी दफ्तर में सीएम योगी और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें कार्य समिति में पास होने वाले राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा हुई। पार्टी पंचायत चुनाव में मिली जीत को मेगा इवेंट बनाएगी।

कार्य समिति से पूर्व हुई बैठक में इस बात को लेकर चर्चा हुई कि पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव में मिली जीत का पॉलिटिकल माइलेज की रुपरेखा तैयार करेगी। कार्य समिति में इस चुनाव में जीत हासिल करने वाले कार्यकर्ताओं को बधाई दी जाएगी, साथ ही उन्हें सम्मानित करने के लिए मेगा प्लान भी तैयार होगा। पंचायत जिला अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के चुनावों में जीत के जरिए भाजपा ने ग्रामीण इलाकों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है, जो किसी भी राजनीतिक दल के चुनावी किस्मत का फैसला करती है। भाजपा इस जीत के जोश को कायम रखना चाहती है।भाजपा की कार्य समिति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा होगी। इस बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों का खाका खींचा गया । पार्टी चुनाव में बिभिन्न  मुद्दों को लेकर चर्चा हुई । इस बार यूपी में नया नारा होगा। विकास के जरिए नया यूपी बनाने को लेकर भाजपा ‘नया उत्तर प्रेदश’ का नारा दिया ।

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उत्तर प्रदेश पॉलिटिकल लखनऊ लाइव अपडेट

यूपी में 75 जिला पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों ने ली शपथ

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों को सोमवार को जिलों में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में जिला पंचायत अध्यक्षों को जिलाधिकारियों ने शपथ दिलाई। दरअसल तीन जुलाई को राज्य निर्वाचन आयोग ने 53 जिलों के जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव परिणाम घोषित किये थे वहीं, इससे पहले 29 जून को 22 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए थे।

22 जिलों में निर्विरोध  निर्वाचित हुए थे जिला पंचायत अध्यक्ष
इसके पहले 29 जून को 22 जिलों में जो जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए थे, उनमें से 21 उम्मीदवार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जीते जबकि सिर्फ इटावा में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए।

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प्रधान मोदी कैबिनेट का विस्तार, 43 नए मंत्रियों ने लिया सपथ

मोदी कैबिनेट का विस्तार हो गया  हैं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक बड़े बदलाव के कुछ घंटों बाद, मनसुख मंडाविया को बुधवार को नए स्वास्थ्य मंत्री और नौकरशाह से राजनेता बने अश्विनी वैष्णव को नए रेल मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को नागरिक उड्डयन मंत्री बनाया गया है, जबकि गृह मंत्री अमित शाह को नवगठित सहकारिता मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। पीयूष गोयल अब कपड़ा मंत्री होंगे, जबकि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय दिया गया है। किरेन रिजिजू कानून और न्याय मंत्री होंगे जबकि हरदीप सिंह पुरी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और आवास और शहरी मामलों के मंत्री होंगे।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नए मंत्रियों में भाजपा के नारायण राणे, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय भट्ट, भूपेंद्र यादव, शोभा करंदलाजे, सुनीता दुग्गल, मीनाक्षी लेखी, भारती पवार, शांतनु ठाकुर और कपिल पाटिल शामिल हैं। जेडीयू के आरसीपी सिंह, लोजपा के पशुपति पारस और अपना दल की अनुप्रिया पटेल।

जिन सात राज्य मंत्रियों को पदोन्नत किया गया उनमें अनुराग ठाकुर, जी किशन रेड्डी, परोषोत्तम रूपाला, किरेन रिजिजू, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मंडाविया और राजकुमार सिंह शामिल हैं।

इस बीच, बहुप्रतीक्षित फेरबदल से पहले, बारह मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले बड़े नामों में आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और श्रम मंत्री संतोष गंगवार शामिल हैं।

कैबिनेट से बाहर होने वाले अन्य मंत्रियों में बाबुल सुप्रियो, सदानंद गौड़ा, देबाश्री चौधरी, रतन लाल कटारिया, संजय धोत्रे, थावरचंद गहलोत, प्रताप चंद्र सारंगी और अश्विनी चौबे हैं।

1. नरेंद्र  मोदी प्रधानमंत्री और कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय; परमाणु ऊर्जा विभाग; अंतरिक्ष विभाग; सभी महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे; और अन्य सभी विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं
केबिनेट मंत्री
2. राज  नाथ  सिंह रक्षा मंत्री
3 अमित  शाह गृह मामलों के मंत्री, तथा सहकारिता मंत्री
4. नितिन  जयराम  गडकरी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री
5. निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री; तथा कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री
6. नरेंद्र  सिंह  तोमर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
7. डॉ  सुब्रह्मण्यम  जयशंकर जयशंकर विदेश मंत्री
8. अर्जुन  मुंडा जनजातीय मामलों के मंत्री
9. स्मृति  ज़ुबिन  ईरानी महिला एवं बाल विकास मंत्री
10.  पियूष  गोयल वाणिज्य और उद्योग मंत्री; उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री; तथा कपड़ा मंत्री
11. धर्मेंद्र  प्रधान शिक्षा; तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री
12. प्रल्हाद  जोशी संसदीय कार्य मंत्री;कोयला मंत्री; तथा खान मंत्री
13. नारायण तातू राणे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री
14. सर्बानंदा  सोनोवाल बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री; तथा आयुष मंत्री
15. मुख़्तार  अब्बास  नक़वी अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री
16. डॉ  वीरेंदर  कुमार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री
17. गिरिराज  सिंह ग्रामीण विकास मंत्री; तथा पंचायती राज मंत्री
18. ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया नागरिक उड्डयन मंत्री
19. रामचंद्र  प्रसाद  सिंह इस्पात मंत्री
20. अश्विनी  वैष्णव रेल मंत्री; संचार मंत्री; तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
21. पशु  पति  कुमार  पारस खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री
22. गजेंद्र  सिंह  शेखावत जल शक्ति मंत्री
23. किरेन  रिजिजू कानून और न्याय मंत्री
24. राज  कुमार  सिंह बिजली मंत्री; तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री
25. हरदीप  सिंह  पूरी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री; तथा आवास और शहरी मामलों के मंत्री
26. मनसुख  मंडाविया स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री; तथा रसायन और उर्वरक मंत्री
27. भूपेंदर  यादव पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री; तथा श्रम और रोजगार मंत्री
28. डॉ  महेंद्र  नाथ  पांडेय भारी उद्योग मंत्री
29. परषोत्तम  रूपला  मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री
30. जी  किशन  रेड्डी संस्कृति मंत्री; पर्यटन मंत्री; तथा उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री
31. अनुराग  सिंह  ठाकुर सूचना और प्रसारण मंत्री; तथा युवा मामले और खेल मंत्री
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
1. राव इंद्रजीत सिंह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), तथा कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री
2. डॉ जितेंद्र सिंह विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार),पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार),प्रधान मंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री,कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री, तथा अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री
राज्य मंत्री
1. श्रीपाद येसो नायको बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री, और पर्यटन मंत्रालय में राज्य मंत्री
2. फग्गन सिंह कुलस्ते इस्पात मंत्रालय में राज्य मंत्री, और ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री
3. प्रहलाद सिंह पटेल जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री, और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री
4. अश्विनी कुमार चौबे उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री; और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री
5. अर्जुन राम मेघवाल संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री; और संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री
6. जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री; और नागरिक उड्डयन मंत्रालय में राज्य मंत्री
7. कृष्ण पाली विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री; और भारी उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री
8. दानवे रावसाहेब दादाराव रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री; कोयला मंत्रालय में राज्य मंत्री; और खान मंत्रालय में राज्य मंत्री
9. रामदास आठवले सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री
10. साध्वी निरंजन ज्योति उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री; और ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री
11. डॉ संजीव कुमार बाल्यान मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री
12. नित्यानंद राय गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री
13. पंकज चौधरी वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री
14. अनुप्रिया सिंह पटेल वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री
15. एसपी सिंह बघेल कानून और न्याय मंत्रालय में राज्य मंत्री
16. राजीव चंद्रशेखर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में राज्य मंत्री; और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री
17. शोभा करंदलाजे कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री
18. भानु प्रताप सिंह वर्मा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय में राज्य मंत्री
19. दर्शन विक्रम जरदोशी कपड़ा मंत्रालय में राज्य मंत्री; और रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री
20. वी मुरलीधरनी विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री; और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री
21. मीनाकाशी लेखी विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री; और संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री
22. सोम परकाशी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री
23. रेणुका सिंह सरुता जनजातीय मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री
24. रामेश्वर तेलिक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री; और श्रम और रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री
25. कैलाश चौधरी कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री
26. अन्नपूर्णा देवी शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री
27. ए नारायणस्वामी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री
28. कौशल किशोर आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री
29. अजय भट्ट रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री; और पर्यटन मंत्रालय में राज्य मंत्री
30. बी एल वर्मा उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री; और सहकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री
31. अजय कुमार गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री
32. देवुसिंह चौहान संचार मंत्रालय में राज्य मंत्री
33. भगवंत खुबा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में राज्य मंत्री; और रसायन और उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री
34. कपिल मोरेश्वर पाटिल पंचायती राज मंत्रालय में राज्य मंत्री
35. प्रतिमा भौमिकी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री
36. डॉ सुभाष सरकार शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री
37. डॉ भागवत किशनराव कराडी वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री
38. डॉ राजकुमार रंजन सिंह विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री; और शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री
39. डॉ भारती प्रवीण पवार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री
40. बिश्वेश्वर टुडु जनजातीय मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री; और जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री
41. शांतनु ठाकुर बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री
42. डॉ मुंजापारा महेंद्रभाई महिला और बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री; और आयुष मंत्रालय में राज्य मंत्री
43. जॉन बारला अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री
44. डॉ एल मुरुगनी मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री; और सूचना और प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री
45. निसिथ प्रमाणिक गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री; और युवा मामले और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री
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उत्तर प्रदेश पॉलिटिकल लखनऊ लाइव अपडेट

उत्तर प्रदेश के के सभी जिलों को अपने जिला अध्यक्ष मिल गए हैं

75 जिलों में से 22 जिला पंचायत अध्यक्षों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है इनमे से सत्तारूढ़ भाजपा 21 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीटें जीतने में सफल रही है। जबकि एक सीट एसपी के पास गई हैं।

उत्तर प्रदेश के 53 जिलों में चल रही जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की वोटिंग जिलों में पूरी हो गई है. 53 जिलों में बीजेपी और एसपी में कांटे की टकर दिखने को मिली, ज़्यादतर जिलों मे दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओ में आपसी झड़प देखने को मिली।

भाजपा ने 67 जिलों में लहराया जीत का परचम लहराया , सपा के 63 सीटों के रिकॉर्ड को तोड़ा।

इन सीटों पर वोटिंग के जरिए जिला अध्यक्ष चुने गए हैं।

मुजफ्फरनगर- वीरपाल निरवाल विजयी-बीजेपी

रामपुर- ख्यालीराम लोधी-बीजेपी

शामली-  मधु-बीजेपी

बागपत- ममता-आरएलडी

हापुड़- रेखा नागर-बीजेपी

बिजनौर- सकेंद्र प्रताप सिंह-बीजेपी

संभल- डॉक्टर अनामिका यादव -बीजेपी

बरेली- रश्मि पटेल-बीजेपी

बदायूं-वर्षा यादव- बीजेपी

अलीगढ़- विजय सिंह-बीजेपी

हाथरस- सीमा उपाध्याय-बीजेपी

कासगंज- रत्नेश कश्यप-बीजेपी

एटा-रेखा यादव-सपा

मथुरा- किशन सिंह चौधरी-बीजेपी

फिरोजाबाद- हर्षिता सिंह-बीजेपी

मैनपुरी- अर्चना भदौरिया-बीजेपी

फर्रुखाबाद- मोनिका यादव-बीजेपी

कन्नौज- प्रिया शाक्य-बीजेपी

औरेया- कमल दोहरे -बीजेपी

कानपुर नगर- स्वप्निल वरुण-बीजेपी

कानपुर देहात- नीरज रानी विजयी-निर्दलीये

जालौन- घनश्याम अनुरागी -बीजेपी

महोबा- जय प्रकाश अनुरागी-बीजेपी

सीतापुर-श्रद्धा सागर-बीजेपी

हमीरपुर- जयंती राजपूत-बीजेपी

फतेहपुर- अभय प्रताप सिंह-बीजेपी

कौशांबी- कल्पना सोनकर-बीजेपी

प्रयागराज-डॉक्टर वी के सिंह -बीजेपी

रायबरेली- रंजना चौधरी

हरदोई- प्रेमावती-बीजेपी

लखनऊ- आरती रावत- बीजेपी

अमेठी- राजेश अग्रहरि-बीजेपी

बाराबंकी- राजरानी रावत-बीजेपी

लखीमपुर खीरी- ओम प्रकाश भार्गव बीजेपी

अंबेडकर नगर- साधु वर्मा-बीजेपी

अयोध्या- रोली सिंह-बीजेपी

बस्ती- संजय चौधरी-बीजेपी

सिद्धार्थनगर- शीतल सिंह-बीजेपी

संतकबीर नगर- बलिराम यादव-सपा

महराजगंज- रविकान्त पटेल-बीजेपी

कुशीनगर- सावित्री देवी-बीजेपी

देवरिया- गिरीश चंद तिवारी-बीजेपी

आजमगढ़- विजय यादव-सपा

बलिया- आनन्द चौधरी-सपा

गाजीपुर- सपना सिंह-बीजेपी

चंदौली- दीनानाथ शर्मा-बीजेपी

भदोही- अनिरुद्ध त्रिपाठी-निर्दलीये

मिर्जापुर- राजू कन्नौजिया-बीजेपी

सोनभद्र- राधिका पटेल-अपना दल-एस

जौनपुर-श्रीकला सिंह-अपनादल एस

उन्नाव-शकुन सिंह-बीजेपी

 

इन जिलों में भाजपा उम्मीदवारों का हुआ निर्विरोध निर्वाचन

वाराणसी- पूनम मौर्य-बीजेपी

मऊ-मनोज रॉय -बीजेपी

शाहजहांपुर-ममता यादव-बीजेपी

आगरा – मंजू भदौरिया -बीजेपी

गाजियाबाद-ममता त्यागी -बीजेपी

मुरादाबाद-डॉ.शैफाली -बीजेपी

बुलंदशहर-डॉ. अंतुल तेवतिया -बीजेपी

गौतमबुद्धनगर – अमित चौधरी -बीजेपी

अमरोहा-ललित-तंवर -बीजेपी

मेरठ-गौरव चौधरी -बीजेपी

सहारनपुर-मांगेराम चौधरी -बीजेपी

अमरोहा-ललित तंवर -बीजेपी

झांसी-पवन कुमार गौतम -बीजेपी

ललितपुर-कैलाश निरंजन -बीजेपी

चित्रकूट-अशोक जाटव-बीजेपी

बांदा-सुनील सिंह पटेल -बीजेपी

बलरामपुर-आरती तिवारी -बीजेपी

श्रावस्ती-दद्न मिश्रा -बीजेपी

गोरखपुर-साधना सिंह -बीजेपी

गोंडा-घनश्याम मिश्रा-बीजेपी

पीलीभीत- दलजीत कौर-बीजेपी

बहराइच- मंजू सिंह-बीजेपी

इटावा-अभिषेक यादव अंशुल-सपा

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के नए सीएम चुने गए।

भाजपा आलाकमान ने जिस उम्मीद के साथ तीरथ सिंह रावत को चुनावी वर्ष में उत्तराखंड की कमान सौंपी थी, तीरथ उस पर खरे नहीं उतर पाए। सरल, सौम्य और जनता की सुनने वाले नेता की छवि के बावजूद तीरथ अपनी बार- बार फिसलती जुबान के चलते भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर असहज करते रहे। वह जनता का ध्यान अपनी और खिचने में नकामयाब रहे ।

बतौर मुख्यमंत्री अपने पहले हफ्ते में ही तीरथ महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी कर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गए। बाल आयोग के एक कार्यक्रम में उन्होंने रिप्ड जींस पहनने वाली महिलाओं पर टिप्पणी कर भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मुश्किल खड़ी कर दी। महिलाओं से जुड़ा विषय होने के कारण बॉलीवुड हस्तियों से लेकर अकादमिक जगत के लोगों ने उनकी जमकर निंदा की, आखिरकार तीरथ को विवाद शांत करने के लिए माफी मांगनी पड़ी। लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही रामनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान मुफ्त राशन देने की योजना को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने से जोड़ डाला। फिर तो उनकी टिप्पणियों को लेकर कई सही गलत वीडियो सामने आने लगे, कुल मिलाकर उनकी छवि एक ऐसे नेता की बन गई जो बिना सोचे समझे कुछ भी बोल देता है।

मुख्यमंत्री के तौर पर तीरथ अपने पूर्ववर्ती के मुकाबले ज्यादा लचर साबित हुए। उनके कार्यकाल में मंत्री विधायक, दर्जाधारी खुलकर उलझते रहे। जबकि पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र के राज में इस मामले में एक तरह से सख्त अनुशासन देखने को मिला था। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों में हर काम के लिए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के कार्यकाल को दोषी ठहराने की होड़ मची रही। इससे कुल मिलाकर सरकार की छवि पर ही असर पड़ा।

मुख्यमंत्री बनने के बावजूद तीरथ सिंह रावत अपनी सियासी जमीन पुख्ता नहीं कर पाए। यही कारण है कि वो शुरुआती तीन महीनों में खुद के लिए उपचुनाव लड़ने के लिए विधानसभा सीट तय नहीं कर पाए। उप चुनाव को लेकर उनकी सारी रणनीति हाईकमान के निर्देश पर टिकी हुई थी। तीरथ जब सीएम बने उस वक्त सल्ट की सीट रिक्त चल रही थी। इसके कुछ दिन बाद गंगोत्री भी रिक्त हो गई। लेकिन दोनों निर्वाचन क्षेत्र अपरिचित होने के कारण तीरथ किसी एक का चयन नहीं कर पाए। देरी के कारण हालात उनके लिए दिन प्रतिदिन विपरीत होते चले गए। जिस कारण उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने का मौका उन्होंने गवां दिया। Uttarakhand के नए CM का आज होगा एलान, विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा फैसला।

चार महीने के भीतर उत्‍तराखंड को एक बार फिर नया मुख्‍यमंत्री मिलने जा रहा है। इस बार राज्‍य के किसी बीजेपी विधायक को ही इस पद के लिए चुना जाना है। सीएम रेस में चार नेताओं का नाम शामिल थे – धन सिंह रावत , बंशीधर भगत, हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, परंतु बीजेपी ने सबको चोकते हुए पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का नया मुखमंत्री चुना हैं।

पुष्कर सिंह धामी एक युवा नेता हैं और फिलहाल वो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं. धामी खटीमा विधानसभा क्षेत्र से इस दफा दूसरी बार विधायक बने हैं.

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उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला

आज यानि 3 जुलाई को उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष की वोटिंग जारी हैं ।

सत्तारूढ़ भाजपा 21 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीटें जीतने में सफल रही है। बाकी 53 सीटों पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती हैं। .

उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी(सपा) के बीच जंग अभी जारी है. 75 जिलों में से 22 जिला पंचायत अध्यक्षों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है और भाजपा 21 जिलों पर कब्जा करने में सफल रही है। पंचायत सदस्य चुनाव के दौरान मजबूती से उभरी सपा के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर आई है।

भाजपा ने पीलीभीत और शाहजहांपुर में सपा के साथ ‘खेला’ किया, जहां कई लोग भगवा पार्टी में शामिल हो गए और निर्विरोध चुने गए। सहारनपुर में बसपा प्रत्याशी ने नामांकन वापस ले लिया। हार का सामना करते हुए, सपा ने भाजपा पर उम्मीदवारों को प्रभावित करने के लिए मशीनरी का उपयोग करने का आरोप लगाया।

मायावती का जिला पंचायत चुनाव से हटना

बाकी 53 सीटों पर कड़ा मुकाबला है। हाल ही में मायावती ने कहा था कि उनकी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। ऐसे में सपा और भाजपा दोनों ने बहुजन समाज पार्टी के विजयी उम्मीदवारों पर काम करना शुरू कर दिया है।

इसके अलावा पिछले साल जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में बड़ी संख्या में जीत हासिल करने के बाद से दोनों पार्टियां निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देने में लगी हुई हैं।

पुलिस बल का दुरुपयोग के आरोप

इस बीच सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर पुलिस के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश करने का आरोप लगाया. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सपा के कई उम्मीदवारों को नामांकन पत्र तक नहीं भरने दिया गया.

राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए, भाजपा अपनी मशीनरी और शक्ति का उपयोग जिला पंचायत सदस्यों को उनके पक्ष में वोट करने के लिए मजबूर करने और धमकाने के लिए कर रही है।

समाजवादी पार्टी के आरोपों को बीजेपी ने खारिज किया है. “सपा शासन के दौरान, उन्होंने जबरदस्ती 36 सीटों पर कब्जा कर लिया। भाजपा ने योग्यता के आधार पर जीत हासिल की और कार्यकर्ताओं के समर्थन से उसे अधिक से अधिक सीटें मिलने की संभावना है।

फाइनल रिजल्ट

उत्तर प्रदेश की 22 सीटों पर निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाने के बाद बीजेपी का दबदबा बनता दिख रहा है। बाकी 53 सीटों पर 3 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोटिंग होगी. वोटों की गिनती उसी दिन होगी।

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यूपी में मायावती ने बहुत बड़ी घोषणा की है। वह जिला पंचायत चुनाव नहीं लड़ेंगे !

यूपी में मायावती ने बहुत बड़ी घोषणा की है। वह पंचायत चुनाव नहीं लड़ेंगे और  मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं से अगला विधानसभा चुनाव पर फोकस करने  के लिए बोला है। मायावती जी ने यह फैसला सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और खरीद फरोख्त के विषय में जिला पंचायत चुनाव ना लड़ने का फैसला किया है। बीजेपी को मायावती के इस फैसले से फायदा होता दिख रहा हैं, वही सपा बीएसपी और बीजेपी के गुपचुप तरीके से गटबंधन की बात कर रही हैं। 

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घनश्याम मिश्रा को निर्विरोध गोंडा का अध्यक्ष चुना गया

गोंडा से बीजेपी के जिले पंचायत अध्यक्ष प्रत्यासी श्री घनश्याम मिश्रा को निर्विरोध  अध्यक्ष चुना गया । कहा जाता हैं  सांसद ब्रिजभूषण सरन सिंह ने  हाई कमान की नजरों में अपनी साख बचाने के लिए गोंडा , श्रावस्ती और बलरामपुर जिले की कमान अपने हाथ मे ले रखा था।