
बेंगलुरु में पड़ोसी के पालतू Cane Corso ने महिला पर किया भयानक हमला
बेंगलुरु, 30 जनवरी 2026: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एक शांत मोहल्ले में भयावह घटना ने लोगों को हक्का-बक्का कर दिया है, जब एक पड़ोसी के पालतू कुत्ते (Cane Corso breed) ने एक महिला पर अचानक हमला कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए सीसीटीवी वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि कुत्ता बिना किसी चेतावनी के महिला की ओर तेज़ी से भागता है और उस पर उग्र हमला कर देता है। आसपास मौजूद लोग जैसे-तैसे उसे रोके तो कुत्ता चलता नहीं, और घबराई हुई महिला को ज़मीन पर गिरा देता है। अंततः कई लोगों ने मिलकर उसे कुत्ते के दांतों से छुड़ाया, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। स्थानीय अस्पताल में इलाज के दौरान उसे चेहरे पर लगभग 50 टांके लगाए गए हैं।
घटना उस समय घटी जब पीड़िता मोहल्ले में पैदल चल रही थी और अचानक ही पड़ोसी के घर से बाहर निकले Cane Corso कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस के प्रारंभिक बयानों के मुताबिक़, यह कोई सड़क पर घूमने वाला आवारा कुत्ता नहीं था, बल्कि पड़ोसी का पालतू कुत्ता था, जो बिना किसी स्पष्ट वजह के अचानक से आक्रामक हो गया। कुछ गवाहों ने बताया कि कुत्ता जैसे ही महिला के करीब पहुँचा, उसने झपट्टा मारा और उसे पकड़ लिया, जिससे महिला का चेहरा और गर्दन गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों में केवल यही महिला नहीं थी; जो कोई भी उसे बचाने की कोशिश में आगे आया, कुत्ते ने उस पर भी हमला किया। हालांकि घायल व्यक्ति की चोटें अधिक गंभीर नहीं बताई जा रही हैं, लेकिन इस पूरी घटना ने मोहल्ले में रहने वालों को कुत्ता पालन के नियम और पालतू जानवरों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Cane Corso ब्रीड के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह मूल रूप से इटालियन मूल का रक्षक और युद्ध-कालीन कुत्ता है, जिसकी मांसपेशियों, साहस और आक्रामकता की क्षमता काफी अधिक होती है। यदि इन कुत्तों को सही तरीके से ट्रेनिंग, सामाजिककरण और नियंत्रण न मिले, तो वे बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकते हैं। हालांकि हर Cane Corso आक्रामक नहीं होता, लेकिन गलत परवरिश या अनुचित प्रशिक्षण उन्हें खतरनाक बना सकता है।
पड़ोसियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी Cane Corso कुत्ते को लेकर कई बार चिंता और शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन किसी ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। अब जब यह घटना सामने आई है, तो मोहल्ले के कई लोग पुलिस और नगर निगम से पालतू जानवर रखने के नियमन और निगरानी को और सख़्त करने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारी बता रहे हैं कि पड़ोसी से कुत्ते की पंजीकरण, टीकाकरण और नियंत्रण के दस्तावेज़ मांगे जा रहे हैं, और साथ ही जानवरों के व्यवहार और सुरक्षा उपायों के बारे में भी तफ्तीश की जा रही है।
यह घटना उस समय सामने आई है जब देश भर में पालतू जानवरों के प्रति बढ़ती लग्न के साथ पालतू कुत्तों के आक्रमक व्यवहार और सुरक्षा पर बहस भी तेज़ हो रही है। कई पशु विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ब्रीड का कुत्ता तभी सुरक्षित और भरोसेमंद होता है जब उसे वित्तीय निवेश, समय-समर्पण, प्रशिक्षण और अनुशासन के साथ परवरिश दी जाए। केवल फिज़िकल उपस्थिति और लालच के लिए किसी मजबूत ब्रीड का चयन करना खतरनाक परिणाम दे सकता है।
यह दर्दनाक घटना केवल एक व्यक्तिगत दुर्घटना नहीं है, बल्कि समाज में पालतू जानवरों के सुरक्षित पालन, जिम्मेदार स्वामित्व और सार्वजनिक सुरक्षा के नियमों की आवश्यकता पर भी गंभीर चेतावनी है। ताकि भविष्य में कोई और इसी तरह के हमले का शिकार न बने।



