
टी20 विश्व कप से पहले एबी डिविलियर्स ने हार्दिक पांड्या की कीर्तिमान
क्रिकेट जगत के दिग्गज और दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज़ एबी डिविलियर्स ने आगामी टी20 विश्व कप 2026 से पहले भारतीय टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को विश्लेषण के दौरान विशेष स्थान दिया है, उन्हें टीम का सबसे “पिवोटल प्लेयर” यानी निर्णायक खिलाड़ी बताया है। डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर भारतीय टीम की तैयारियों पर बात करते हुए कहा कि पांड्या की काबिलियत और खेल को पलट देने की क्षमता उनकी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
डिविलियर्स ने भारतीय टीम के संतुलन और विविधता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो बल्ले और गेंद दोनों के साथ प्रभावशाली प्रदर्शन दे सकते हैं, जिससे टीम प्रबंधन को रणनीति में बदलाब करने की आज़ादी मिलती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए उन दिग्गज खिलाड़ियों का भी ज़िक्र किया जो इस बार टीम में जगह नहीं बना पाए जैसे कि ऋषभ पंत, शुबमन गिल, यशस्वी जायसवाल और जितेश शर्मा — यह दर्शाता है कि टीम चयन में कितनी कड़ी प्रतिस्पर्धा थी।
डिविलियर्स ने हार्दिक पांड्या को “बिग पिवोटल प्लेयर” कहते हुए बताया कि वह वो खिलाड़ी हैं जो बल्ले और गेंद — दोनों ही मोर्चों पर मैच का रुख बदल सकते हैं। उनका मानना है कि जब पांड्या बल्लेबाज़ी करने आएँ तो विपक्षी टीम पर दबाव बन जाता है, और अगर वह गेंदबाज़ी करते हैं तो मैच में ब्रेक-थ्रू प्रदान करने की क्षमता रखते हैं। इस तरह की क्षमता किसी भी टूर्नामेंट में टीम को महत्वपूर्ण बढ़त देती है।
हार्दिक पांड्या की हाल की फ़ॉर्म और रिकॉर्ड भी इस बात को और मजबूत करते हैं। घरेलू सत्र में विजय हज़ारे ट्रॉफी में उन्होंने अपनी पहली लिस्ट-ए शतकीय पारी खेली थी जिसमें उन्होंने 133 रन बनाए थे, जबकि भारत–दक्षिण अफ़्रीका T20I सीरीज में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए शानदार स्ट्राइक रेट और रन बनाए। इन उपलब्धियों ने यह स्पष्ट किया है कि पांड्या अपनी सर्वांगीण क्षमता के कारण टीम की प्लानिंग में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं।
डिविलियर्स की टिप्पणी न सिर्फ़ पांड्या की व्यक्तिगत क्षमता और योगदान को उजागर करती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में ऑल-राउंडर की भूमिका कितनी अहम होती है। पांड्या की भूमिका इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि भारतीय टीम अपनी ताकत को संतुलित करके मैच में निर्णायक बढ़त हासिल करने की सोच रखती है।
वैश्विक क्रिकेट के विश्लेषकों की नज़रों में पांड्या की तरह के ऑल-राउंड खिलाड़ी टीम की रणनीति को और अधिक लचीला और विविध बनाते हैं, जिससे मुकाबलों में बदलाव की संभावनाएं बढ़ती हैं। ऐसे खिलाड़ियों के होने से भारत को विश्व कप जैसे बड़े मंच पर हर मुकाबले में जीत के लिए मजबूर पोज़िशन मिलती है।



