
जावेद अख्तर ने ‘बॉर्डर 2’ के लिए गाने लिखने से क्यों किया इनकार?
बॉलीवुड के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्होंने बड़े बजट की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के लिए गाने लिखने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब फिल्म की रिलीज़ से पहले संगीत और गानों को लेकर दर्शकों और फैंस में बड़ी उत्सुकता है। जावेद अख्तर के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी बहस चल रही है और इससे फिल्म उद्योग के संगीत रचनात्मकता पर अलग–अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
जावेद अख्तर ने इंडिया टुडे / आजतक से बातचीत में बताया कि फिल्म के निर्माताओं ने उन्हें ‘बॉर्डर 2’ में गाने लिखने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पुराने हिट गीतों को थोड़ा-बहुत बदलकर दोबारा प्रस्तुत करना “सृजनात्मक दिवालियापन” है। उन्होंने कहा कि अगर कोई फिल्म कांसेप्ट पुराना है और उसके पुराने गीत पहले से ही बेहद लोकप्रिय रहे हैं, तो उन पर सिर्फ थोड़ा-सा बदलाव करके दोबारा रिलीज़ करना उचित नहीं है।
जावेद अख्तर का तर्क है कि हर फिल्म अपनी पहचान और अपनी कहानी के लिए नए गीत और संगीत बनाए, न कि बीते गीतों के नाम पर पुराने जज़्बात को दोबारा जगाने की कोशिश की जाए। उन्होंने कहा, “अगर आप एक फिल्म फिर से बना रहे हो, तो नई यादें खुद बनाओ, पुराने पर निर्भर रहने की जरूरत क्यों है?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कोई टीम पुराने गीतों को दोबारा पेश करना चाहती है तो यह मान लेना चाहिए कि वे अब वह स्तर का नया संगीत नहीं बना पा रहे हैं।
उन्होंने अपने उदाहरण में 1964 की फिल्म ‘हकीकत’ का जिक्र किया, जिसके गीत उस समय के बेहतरीन गानों में से थे। इसके बावजूद उस फिल्म के रीमेक या सेक्वल में पुराने गानों को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया गया था। इसके बजाय पूरी तरह से नए गीत बनाए गए थे, जिन्हें दर्शकों ने बहुत पसंद किया था।
‘बॉर्डर’ (1997) के संगीत की बात करें तो उसके कुछ गीत जैसे “संदेसे आते हैं” को आज भी दर्शक बेहद भावनात्मक रूप से याद करते हैं। उस गीत के बोल जावेद अख्तर के ही हैं और इसके लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिल चुका है। लेकिन ‘बॉर्डर 2’ में पुराने गीतों की तर्ज़ पर आधारित ट्रैक के रिलीज़ होने के बावजूद जावेद अख्तर ने फिर भी रचनात्मक कारणों से काम से दूर रहने का फैसला किया।
यह कदम संगीत प्रेमियों के बीच चर्चाओं का विषय बन गया है। कुछ लोग मानते हैं कि पुराने गीतों को नई पीढ़ी के लिए रीक्रिएट करना अच्छा है, जबकि जावेद अख्तर जैसे अनुभवी गीतकार का कहना है कि इससे संगीत की मौलिकता समाप्त होती है और दर्शकों के दिलों में वही पुराना जज़्बा फिर नहीं लौटता।
‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है और फिल्म के गानों को लेकर दर्शकों में उत्साह है। लेकिन जावेद अख्तर के इन विचारों ने एक बार फिर बॉलीवुड में नए गीत बनाम रीमिक्स और पुराने गीतों का पुनः प्रयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा को जन्म दिया है।



